समर्थकों का दावा— शुगर लेवल 60 तक पहुंचा, ब्लड प्रेशर भी गिरा; ओपन लाइब्रेरी हटाने को लेकर दिल्ली पुलिस पर दुर्व्यवहार के आरोप, कार्रवाई की मांग।
नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है। समर्थकों का दावा है कि लगातार पांच दिनों के उपवास के कारण उनका शुगर लेवल 60 तक पहुंच गया है और ब्लड प्रेशर भी सामान्य से काफी नीचे आ गया है।
सोशल मीडिया अभियान कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति गंभीर होती जा रही है। वहीं, समर्थकों ने कहा कि यदि उनकी सेहत को कोई नुकसान पहुंचता है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
इस बीच, वांगचुक की पत्नी भी जंतर-मंतर पहुंचीं और उनका हौसला बढ़ाया। प्रदर्शनकारियों ने इसे संघर्ष के दौरान परिवार के समर्थन का प्रतीक बताया।
प्रदर्शन के दौरान एक और विवाद सामने आया। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, दो युवाओं ने मौके पर एक ओपन लाइब्रेरी शुरू करने का प्रयास किया था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उसे हटवा दिया। आरोप है कि इस दौरान एसीपी अजय शर्मा और उनकी टीम ने छात्रों के साथ दुर्व्यवहार किया और छत्रपति शिवाजी महाराज तथा भगत सिंह सहित अन्य विषयों की किताबें जमीन पर फेंक दीं।
घटना के बाद प्रदर्शनकारियों ने संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और निलंबन की मांग की। हालांकि, इन आरोपों पर दिल्ली पुलिस की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
उल्लेखनीय है कि जंतर-मंतर पर यह विरोध प्रदर्शन पिछले 13 दिनों से जारी है। प्रदर्शनकारी नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
नोट: इस खबर में वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति और दिल्ली पुलिस पर लगाए गए आरोप प्रदर्शनकारियों और सोशल मीडिया पोस्ट के दावों पर आधारित हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।