पट्टी कल्याणा कैनाल जल समिति ने एक्सिस बैंक प्रबंधक पर पैसे न देने का लगाया आरोप
पानीपत (निर्मल सिंह विर्क) : अखिल भारतीय किसान सभा और संयुक्त किसान मोर्चा के जिला प्रतिनिधिमंडल ने प्राइवेट एक्सिस बैंक शाखा , जीटी रोड पानीपत के प्रबंधक के खिलाफ पट्टीकल्याणा कैनाल जल समिति के किसानों द्वारा डीसी पानीपत को लिखित शिकायत सौंपकर बैंक प्रबंधक के खिलाफ कारवाई करने की मांग है। और अल्टीमेटम देकर समाधान करने के लिए एक सप्ताह का समय भी दिया है।
किसान प्रतिनिधि मंडल का कहना है कि अगर प्रशासन ने समाधान नहीं किया तो 10 जुलाई के बाद बैंक गेट पर संयुक्त किसान मोर्चा और अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में गांव पट्टी कल्याण के किसान करेंगे विरोध प्रदर्शन और धरना।
प्रतिनिधि मंडल में अखिल भारतीय किसान सभा के जिला प्रधान डॉक्टर सुरेंद्र मलिक, जिला सचिव राजपाल गाहल्याण , संयुक्त किसान मोर्चा जिला सहसंयोजक सुनील दत्त शामिल थे।
*प्रतिनिधिमंडल ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि प्राइवेट एक्सिस बैंक के अंदर हरियाणा सरकार के सिंचाई विभाग द्वारा सन 2011 में काडा स्कीम के तहत पूरे जिले के अंदर सिंचाई के लिए बनाई गई नहर के पक्के खाल बनाए गए थे। भविष्य में उनकी लगातार मुरम्मत करने के लिए किसानों की जल समिति रजिस्टर्ड कराकर किसानों से शेयर लेकर और सरकार द्वारा शेयर मिलकर संयुक्त पैसे से एफडी करवाई गई थी। एक बार किसानों ने मुरम्मत के लिए बैंक में जमा एफडी के ब्याज से पैसे निकलवाए थे। लगभग दोबारा 8 साल बाद मुरम्मत के लिए पैसे निकलवाने के लिए हरियाणा सिंचाई विभाग के अधिकारियों की अनुमति लेकर बैंक प्रबंधक के पास 26 जून 2025 को पहुंचे। जिस पर बैंक मैनेजर ने कहा कि आपका खाता लगातार लेनदेन न करने के कारण बंद हो चुका हैं। इसको चालू करवाने के लिए दोबारा से आपको बैंक खाता धारकों के नाम के सभी जरूरी कागजात बैंक में जमा करवाने होंगे।
समिति द्वारा बैंक मैनेजर के पास कागजात जमा करवाए गए , कमी बताई तो दूसरी बार जमा कराए गए इस प्रक्रिया के चलते लगभग एक वर्ष हो चुके हैं। लेकिन बैंक द्वारा किसानों को लगातार परेशान किया जा रहा है।
*किसानों ने इस संदर्भ में बैंक के खिलाफ डीसी मोहदय जिला पानीपत को 2 जुलाई को ही लिखित शिकायत देते हुए आरोप लगाया कि बैंक में जमा किसानों के लाखों रुपए हड़पने के षड्यंत्र की कानूनी जांच की जाए और बैंक पर प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए किसानों को खाल की मुरम्मत के लिए तुरंत पैसे दिलवाए जाए।