भारत-फ्रांस के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर, व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य तय
व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने पर भारत-फ्रांस सहमत, नए तंत्र पर मुहर
व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने पर भारत-फ्रांस सहमत, नए तंत्र पर मुहर
नई दिल्ली/नीस: भारत और फ्रांस ने द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देते हुए ‘इनोवेशन रोडमैप 2030’ को अपनाया है। इसके साथ ही दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में आपसी व्यापार को दोगुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है और इसके लिए एक उच्च-स्तरीय तंत्र स्थापित करने पर सहमति जताई है।
प्रधानमंत्री Narendra Modi और फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron के बीच नीस में हुई द्विपक्षीय वार्ता में नवाचार, प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सहयोग को विस्तार देने पर व्यापक सहमति बनी। यह बैठक दोनों देशों की ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ के नए चरण में पहली उच्चस्तरीय बातचीत मानी जा रही है।
वार्ता के प्रमुख नतीजों में एआई गवर्नेंस पर संयुक्त कार्य समूह का गठन, कानपुर में एरोनॉटिक्स कौशल उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना, फ्रांस में यूपीआई के विस्तार और पेरिस के ‘स्टेशन एफ’ में भारतीय स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने जैसे कदम शामिल हैं। इसके अलावा, पेरिस-सैक्ले विश्वविद्यालय में ‘एआई, इनोवेशन एंड कल्चर’ पर इंडिया चेयर स्थापित करने पर भी सहमति बनी।
दोनों देशों ने आर्थिक सुरक्षा संवाद शुरू करने, रेलवे और हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं में सहयोग बढ़ाने तथा अंतरिक्ष क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान को मजबूत करने का निर्णय लिया। Indian Space Research Organisation और CNES के बीच मानव अंतरिक्ष मिशन और माइक्रोग्रैविटी रिसर्च में सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी सहमति बनी।
विदेश सचिव Vikram Misri ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच इनोवेशन इकोसिस्टम से जुड़े 19 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। साथ ही आपूर्ति श्रृंखला, निवेश, स्वास्थ्य डेटा और रणनीतिक साझेदारी के क्षेत्रों में सहयोग को भी नई गति देने पर सहमति बनी है।
दोनों नेताओं ने रक्षा सहयोग को और गहरा करने, उन्नत तकनीकों के सह-डिजाइन और सह-उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इसके अलावा, अंतरिक्ष, असैन्य परमाणु ऊर्जा और उभरती तकनीकों में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
वार्ता के दौरान पश्चिम एशिया और यूक्रेन की स्थिति सहित वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया। नेताओं ने लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने, प्रतिभाओं की आवाजाही और शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करने पर भी सहमति जताई।
दोनों देशों ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को शीघ्र अंतिम रूप देने की आवश्यकता पर बल देते हुए इसे आर्थिक सहयोग बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर बताया। साथ ही, भारत-फ्रांस साझेदारी को वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए अहम बताया गया।