AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से सरकारी कामकाज में आएगी अभूतपूर्व तेजी
चंडीगढ़: चंडीगढ़ प्रशासन शहर को स्मार्ट गवर्नेंस हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। आईटी पार्क में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है, जिससे सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता और गति में व्यापक सुधार आने की उम्मीद है।
प्रशासन के अनुसार, एआई तकनीक के इस्तेमाल से जन्म प्रमाणपत्र, शिकायत निवारण, ट्रैफिक मैनेजमेंट और नगर सेवाओं में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी। नागरिकों की शिकायतों का तेजी से समाधान संभव होगा, वहीं ट्रैफिक, सफाई, पानी और बिजली जैसी सेवाओं की निगरानी भी अधिक प्रभावी तरीके से की जा सकेगी।
यह सेंटर युवाओं, शोधकर्ताओं और स्टार्टअप्स के लिए नए अवसर पैदा करेगा। यहां एआई, साइबर सुरक्षा, ब्लॉकचेन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी उभरती तकनीकों पर रिसर्च, ट्रेनिंग और इनोवेशन को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही स्टार्टअप्स को को-वर्किंग स्पेस, इन्क्यूबेशन, मेंटरशिप और निवेशकों से जुड़ने का प्लेटफॉर्म मिलेगा।
प्रशासन ने बताया कि यह परियोजना इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ‘इंडिया एआई स्टार्टअप फाइनेंसिंग पिलर’ योजना के तहत विकसित की जाएगी। इसका उद्देश्य सरकारी विभागों में एआई आधारित समाधान लागू कर निर्णय प्रक्रिया और सेवा वितरण को मजबूत करना है।
परियोजना के लिए साझा फंडिंग मॉडल अपनाया जाएगा, जिसमें 40 प्रतिशत फंड केंद्र सरकार, 40 प्रतिशत चंडीगढ़ प्रशासन और 20 प्रतिशत उद्योग व शैक्षणिक साझेदारों द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा।
अधिकारियों का मानना है कि यह पहल चंडीगढ़ को देश के अग्रणी एआई और टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।