जनता ने वोट डाल जिताए कांग्रेसी लीडर, अब बोले – हमारी सरकार न होने के कारण काम नहीं हो पाते
लुधियाना/यूटर्न/25 मई। लुधियाना में तकरीबन सभी वॉर्डों में विकास कार्य हो रहे हैं। लेकिन राजनीति की भेंट चढ़े वॉर्ड 31 के साथ सौतेलों जैसा व्यवहार हो रहा है। ढोलेवाल चौक के पास पड़ते इस वॉर्ड की विश्वकर्मा कॉलोनी की ज्यादातर गलियों में विकास कार्य नहीं हुए। अगर कहीं विकास कार्य हुए, तो वे हर अलग-अलग पार्टी नेताओं ने अपनी करीबियों की गलियों में करवाए। इस वॉर्ड से कांग्रेस पार्टी की महिला पार्षद हरमनदीप कौर चहल जीती थी। लेकिन उनके पति सवरनदीप सिंह चहल का कहना है कि वे विपक्षी होने के कारण विकास कार्य नहीं करवा पा रहे हैं, जब सत्ता में उनकी कांग्रेस सरकार आएगी, तब वे काम करवाएंगे। वहीं सत्ताधारी पार्टी के नेताओं का इस तरफ ध्यान नहीं है। जिसके नतीजे में गलियों में खड्डे पड़ चुके हैं, यहां तक विश्वकर्मा कॉलोनी की गली नंबर 13 तो अंदर धंसनी भी शुरु हो चुकी है। जबकि कई गलियों में चूहों ने बड़े होल करके घरों के अंदर तक सुरंग बना दी हैं। अगर यहीं हालात रहे तो किसी भी समय चूहें नींव खाली कर देगें और घर गिरने की कगार पर आ जाएंगे। इलाका निवासियों का कहना है कि इसके जिम्मेदार वॉर्ड लीडर होंगे। वहीं लोगों का कहना है कि उनकी तरफ से कई बार पार्षद को लिखित में शिकायत दी गई, लेकिन फिर भी सड़कें नहीं बनाई गई।
चुनाव के समय बड़े दावे, खत्म होते ही भूले
चुनाव के समय बेशक राज्य की सत्ताधारी पार्टी हो या विपक्ष, लेकिन हर पार्टी उम्मीदवार वॉर्ड वासियों को विकास कार्य कराने के वादे करता है। चुनाव खत्म होते ही सभी वादे भूला दिए जाते हैं। ऐसे ही कुछ हालात वॉर्ड 31 की विश्वकर्मा कॉलोनी में देखने को मिल रहे हैं। चर्चा है कि साल 2024 में निगम चुनाव के समय हर पार्टी के उम्मीदवार ने विश्वकर्मा कॉलोनी की गलियां बनवाने का वादा किया था। लेकिन चुनाव खत्म होते ही जीतने और हारने वाले दोनों उम्मीदवार वादे भूल गए।
जनता मांगे जवाब, बहानों से गुजारा करना मुश्किल
वहीं अब लीडरों द्वारा टेंडर पास न होने, फंड न मिलने समेत कई तरह के बहाने लगाए जा रहे हैं। लेकिन इलाका निवासियों का कहना है कि चुनाव के समय किए वादों का लीडरों को जवाब देना होगा, अब बहाने लगाकर बचा नहीं जा सकता। इलाका निवासियों का कहना है कि अगर विकास ही नहीं होना तो पद लेकर क्या करना है। अब अगर जनता ने जिम्मेदारी दी है, तो उसे पूरा करना भी लीडर का फर्ज है।
गलियों में भरा सीवर पानी, कई जगह धंसी
विश्वकर्मा कॉलोनी की गली नंबर 13 और आत्मा सब्जी वाली गली के लोगों का कहना है कि उनकी गली में हर समय सीवरेज का गंदा पानी भरा रहता है। सालों से समस्या बरकरार है। शिकायत करने पर सफाई कर्मी आकर सीवर में डंडा मारकर चले जाते हैं। बीमारियां पैदा हो रही है। 13 नंबर गली वासियों मुताबिक यह गली 15-20 साल पहले बनी थी, लीडर अभी भी इसे 5-7 साल चलाने की फिराक में लगे हैं। लेकिन गली कई जगह धंस भी चुकी है।
करीबियों की गलियों में हो रहे विकास कार्य
चर्चा है कि जहां एक तरफ वॉर्ड में विकास के काम नहीं हो रहे। सड़कों पर कूड़ा बिखरा रहता है, वहीं दूसरी तरफ नेताओं के करीबियों की गलियों में हर तरह का विकास कार्य हो रहा है। फिर आम जनता के साथ दोहरी नीति क्यों। चर्चा है कि चुनाव लड़ने वाले जितने भी उम्मीदवार थे, सभी के ऑफिस पूरा दिन मात्र दो घंटे के लिए खुलते हैं, उस समय जिसने काम करवा लिया ठीक, नहीं तो अगली सुबह आना पड़ेगा। पानी की पाइपें भी करीबियों की गलियों में पड़ रही है।
2027 चुनाव के बाद लोगों को मिलेगी सुविधा
मामले संबंधी पार्षद पति सवरनदीप सिंह चहल का कहा कि उन्हें काम नहीं करने दिया जा रहा। उनकी सरकार आएगी, तो काम होंगे। यानि कि पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 में हैं। उक्त चुनावों में अगर कांग्रेस जीती तो काम होंगे। जिसका मतलब है कि लोगों को अभी एक साल और समस्याएं झेलनी पड़ेगीं। सवरनदीप चहल मुताबिक 13 नंबर गली में इंटरलॉक टाइलें विधायक ने उखड़वा दी। जबकि वहां टाइलें नहीं सीमेंट वाली सड़क बनी है और न ही वे गली उखाड़ी गई है।
दूसरे वॉर्डों में विपक्षी कैसे करवा रहे काम
हालांकि वॉर्ड 31 वासियों का कहना है कि निगम चुनाव में शहर के कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल के उम्मीदवार भी भारी संख्या में जीते थे। उनके वॉर्डों में तो विपक्षी होने के बावजूद धड़ल्ले से काम हो रहे हैं। फिर इस वॉर्ड में काम क्यों नहीं हो पा रहे। वॉर्ड वासियों का कहना है कि लीडरों को दूसरे वॉर्डों के लीडरों से सीख लेने की जरुरत है।
20 साल पुराने पाइप बदले, तो कसूरवार हुई जनता
वहीं विश्वकर्मा कॉलोनी वासियों का कहना है कि कई गलियां 15-20 साल पहले बनी, तब ही सीवरेज व पानी की पाइपें डाली। इतने साल बाद पाइपों में दिक्कत आने पर लोगों ने गलियां तोड़कर उन्हें बदलवाया। लेकिन अब कई लीडर यह बहाने लगा रहे हैं कि 15 साल पहले बनी गली थोड़े-बहुत गड्ढों के साथ अभी 5-7 साल और चल सकती थी। लेकिन लोगों ने पाइपें डालने को तोड़ी, तो जल्द खराब हो गई। यानि कि गलियां बनवाने की जगह नए बनाए लगाए जा रहे हैं।
नेताओं के कारिंदें धड़ल्ले से करवा रहे काम
बेशक जनता के काम को लीडर मना कर देते हैं या टाल मटोल कर दी जाती है। लेकिन उनके खुद के कारिंदों के काम निगम में धड़ल्ले से होते हैं। इस वॉर्ड को निगम जोन-सी लगता है। जहां तकरीबन रोजाना ही नेताओं के कारिंदें अपने काम कराने पहुंचे होते हैं। कारिंदें टीएस-1, प्रॉपर्टी टैक्स, पानी टैक्स समेत अन्य कार्य करवाते आम देखे जाते हैं।
सरकार आने पर करवाएंगे काम
पार्षद पति व कांग्रेस नेता सवरनदीप सिंह चहल का कहना है कि उनकी पत्नी अभी सवा साल पहले ही पार्षद बने हैं। विधायक द्वारा बिना मतलब के सड़कें तोड़कर पाइपें डालनी शुरु कर दी गई है। हम विपक्ष में हैं, क्या करें, हमारा काम नहीं हो पाते। हमारी सरकार आने दीजिए, फिर काम करवाए जाएंगे।
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