चंडीगढ़/यूटर्न/22 मई। पंजाब में एक हाईवे पर लगा सीसीटीवी कैमरा अब एक बड़ी जासूसी जांच का केंद्र बन गया है। इस जांच में सीमा पार से निगरानी और संदिग्ध पाकिस्तानी हैंडलर्स के शामिल होने के आरोप हैं। पंजाब पुलिस ने पठानकोट के रहने वाले बलजीत सिंह नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि वह संवेदनशील पठानकोट-जम्मू कॉरिडोर के पास भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों की गतिविधियों पर गुपचुप तरीके से नज़र रख रहा था और उस फुटेज को पाकिस्तान से जुड़े हैंडलर्स के साथ साझा कर रहा था। जांचकर्ताओं के अनुसार, यह मामला कम लागत वाले, लेकिन बेहद असरदार निगरानी अभियानों के एक नए तरीके की ओर इशारा करता है। इन अभियानों में आसानी से उपलब्ध होने वाले इंटरनेट-सक्षम उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है।
पठानकोट के व्यक्ति पर आरोप
पंजाब पुलिस के मुताबिक, पठानकोट जिले के चक धारीवाल गांव के रहने वाले बलजीत सिंह ने कथित तौर पर नेशनल हाईवे-44 पर एक पुल के पास स्थित एक दुकान में इंटरनेट-आधारित सीसीटीवी कैमरा लगाया था। यह पठानकोट-जम्मू का एक बेहद अहम रास्ता है, जिसका इस्तेमाल सेना और अर्धसैनिक बलों के काफिले अक्सर करते हैं। शक है कि इस कैमरे को रणनीतिक रूप से ऐसी जगह लगाया, ताकि जम्मू-कश्मीर जाने वाले रक्षा वाहनों और जवानों की गतिविधियां कैद हो सके। आरोप है कि इस कैमरे की 'लाइव फीड' पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को भेजी जा रही थी।
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