केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने घोषणा की है कि अगले सत्र से NEET-UG परीक्षा ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। उन्होंने स्वीकार किया कि 3 मई को हुई परीक्षा में पेपर लीक की घटना सामने आई थी, जिसके बाद सरकार ने 21 जून को रीएग्जाम कराने का फैसला लिया है।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि गड़बड़ी का पता 7 मई को चला था, जिसके बाद NTA ने सरकार को सूचना दी और 12 मई को परीक्षा दोबारा कराने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि इस बार छात्रों को 15 मिनट अतिरिक्त समय मिलेगा और वे अपनी पसंद का परीक्षा केंद्र चुन सकेंगे, ताकि किसी भी तरह की असुविधा न हो।
धर्मेंद्र प्रधान ने यह भी कहा कि सरकार नहीं चाहती थी कि कोई गलत उम्मीदवार चयनित हो, इसलिए जिम्मेदारी के साथ परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों के साथ मिलकर छात्रों के आवागमन की व्यवस्था पर भी काम किया जाएगा।
इस बीच NEET पेपर लीक मामले की जांच तेज है और CBI अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें से 5 आरोपियों को कोर्ट ने 7 दिन की कस्टडी में भेजा है। एजेंसियां राजस्थान, बिहार, हरियाणा और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में छापेमारी कर रही हैं और जांच में यह भी सामने आया है कि पेपर कथित तौर पर राजस्थान के सीकर तक पहुंचा था।
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर रीएग्जाम की निगरानी की मांग की है, जबकि इस पूरे मामले ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।