सांसद मनीष तिवारी बोले- अफसरशाही की वजह से अटका मामला
चंडीगढ़ (अजीत झा.): शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को लेकर एक बार फिर मेट्रो प्रोजेक्ट चर्चा में आ गया है। सांसद मनीष तिवारी ने चंडीगढ़ में मेट्रो परियोजना को समय की जरूरत बताते हुए प्रशासनिक व्यवस्था और अफसरशाही पर सवाल उठाए हैं।
सेक्टर-51 स्थित अजंता सोसाइटी में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान मनीष तिवारी ने कहा कि शहर की आबादी और वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन उसके अनुरूप सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि आने वाले 10 वर्षों की जरूरतों को देखते हुए चंडीगढ़ को मेट्रो जैसी आधुनिक ट्रांसपोर्ट प्रणाली की आवश्यकता है।
सांसद ने दावा किया कि राइट्स (RITES) अपनी रिपोर्ट दो बार प्रशासन को सौंप चुका है, लेकिन इसके बावजूद प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि अफसरशाही इस अहम परियोजना को जानबूझकर लंबित रख रही है।
मनीष तिवारी ने चेतावनी दी कि यदि अभी से ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि चंडीगढ़ के मौजूदा गवर्नेंस मॉडल में बदलाव की जरूरत है, क्योंकि वर्तमान व्यवस्था आम लोगों की समस्याओं का प्रभावी समाधान करने में विफल साबित हो रही है।
इस जनसंवाद कार्यक्रम में कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष एचएस लक्की भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न हाउसिंग सोसाइटियों के निवासियों ने पानी, ट्रैफिक, पार्किंग और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं नेताओं के सामने रखीं।