Uturn Time
Breaking
Ludhiana: नगर निगम कर्मचारियों का पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन Amritsar: अमृतसर में रेलवे ट्रैक के पास फिर मिला संदिग्ध कैमरा, सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप Jalandhar: PM मोदी के स्वागत की तैयारी तेज, केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने लिया इंतजामों का जायजा Amritsar: बब्बर खालसा इंटरनेशनल नेटवर्क पर शिकंजा,हथियारों और विस्फोटकों की खेप बरामद, सीआई ने तीन तस्करों को दबोचा New Delhi: भारत ने पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का किया सफल परीक्षण, 60 किमी दूर लक्ष्य पर साधा सटीक निशाना Dehradun: उत्तराखंड बना देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य, 98.7% साक्षरता दर का बनाया रिकॉर्ड Jalandhar: PM मोदी के कार्यक्रम से पहले जालंधर कैंट स्टेशन की तैयारियों का निरीक्षण, रवनीत बिट्टू ने परखी व्यवस्थाएं रेलवे क्वार्टर से मिली टेक्नीशियन की लाश, बदबू आने पर पता चला इनीशिएटर्स ऑफ चेंज के नेतृत्व में सतलुज फिल्म की बहाली को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन सेंसेक्स 1,677 अंक गिरा, गिरावट के तीन मुख्य कारण निकलकर आए सामने जगतार सिंह को मिला प्रमोशन, जॉइंट सीपी ने इंस्पेक्टर पद पर किया पदोन्नत लुधियाना में राजस्व पटवार यूनियन की बैठक, जालंधर में प्रदर्शन में शामिल होने का ऐलान
Logo
Uturn Time
प्रदूषण की चपेट में सुखना झील, प्रशासन पर सवाल
चंडीगढ़: शहर की पहचान और ‘लाइफलाइन’ मानी जाने वाली सुखना झील पर प्रदूषण का खतरा गहराता जा रहा है। आरोप है कि झील तक पहुंचने वाली बरसाती पानी की लाइन में अवैध रूप से सीवेज और सेप्टिक टैंक का मलजल छोड़ा जा रहा है, जिससे झील का पानी लगातार दूषित हो रहा है। इस मामले को लेकर पार्षद जसविंदर कौर ने नगर निगम कमिश्नर को शिकायत भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने शिकायत के साथ कुछ तस्वीरें भी भेजी हैं, जिनमें खुडा अली शेर से सुखना झील की ओर जाने वाली बरसाती लाइन में गंदा पानी छोड़े जाने का दावा किया गया है। पार्षद के मुताबिक खुडा अली शेर के साथ लगते शिवालिक विहार, कांसल और नया गांव क्षेत्रों में पर्याप्त सीवेज व्यवस्था नहीं है। इसका फायदा उठाकर कुछ निजी टैंकर संचालक और सफाईकर्मी सुनसान इलाकों में सीवेज सीधे बरसाती नालों में छोड़ देते हैं, जो आगे चलकर सुखना झील में पहुंचता है। उन्होंने कहा कि यह न केवल झील की पारिस्थितिकी के लिए खतरा है, बल्कि इससे पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ सकता है। शिकायत में नगर निगम से मांग की गई है कि बरसाती नालों के आसपास अचानक निरीक्षण और छापेमारी की जाए तथा अवैध रूप से सीवेज छोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। पार्षद ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो सुखना झील का प्राकृतिक संतुलन प्रभावित हो सकता है और शहर की सबसे महत्वपूर्ण जल धरोहर को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।