नगर निगम चंडीगढ़ के जॉइंट कमिश्नर बलबीर राज सिंह ने शुक्रवार को मलोया गौशाला का विस्तृत निरीक्षण किया और पशु कल्याण के साथ-साथ सामुदायिक विकास परियोजनाओं को मजबूत करने पर जोर दिया। इस दौरान उन्होंने सेल्फ हेल्प ग्रुप (एसएचजी) द्वारा संचालित ‘अर्पण प्रोजेक्ट’ और मलोया गांव का भी दौरा किया।
निरीक्षण के दौरान उनके साथ मेडिकल ऑफिसर ऑफ हेल्थ डॉ. इंदरदीप कौर और नगर निगम के अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।
गौशाला में जॉइंट कमिश्नर ने गायों की देखभाल, पोषण, स्वास्थ्य और संपूर्ण प्रबंधन की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पशुओं के लिए पर्याप्त चारा, स्वच्छ पेयजल, समय पर पशु चिकित्सा सुविधा और साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बलबीर राज सिंह ने कहा कि गौशालाएं केवल आश्रय स्थल नहीं, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण के साथ संचालित आदर्श केंद्र होने चाहिए, जहां आवारा और परित्यक्त पशुओं को सम्मान और सुरक्षित वातावरण मिल सके।
उन्होंने गौशाला के शेल्टर इंफ्रास्ट्रक्चर, कचरा प्रबंधन और स्वच्छता व्यवस्था की भी समीक्षा की और कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा उन्होंने नियमित स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण अभियान और पशुओं के रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने पर जोर दिया, ताकि बीमारियों की रोकथाम और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित हो सके। साथ ही गोबर के उपयोग से ऑर्गेनिक कम्पोस्टिंग और बायोगैस उत्पादन जैसी टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाओं को अपनाने की बात भी कही।
अर्पण प्रोजेक्ट के निरीक्षण के दौरान उन्होंने महिलाओं द्वारा संचालित इस पहल की सराहना की और कहा कि इस तरह की सामुदायिक परियोजनाएं न केवल आजीविका को बढ़ावा देती हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर सामाजिक विकास को भी मजबूत करती हैं।
मलोया गांव में उन्होंने स्थानीय प्रतिनिधियों से बातचीत कर नागरिक सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
जॉइंट कमिश्नर ने कहा कि समावेशी विकास के लिए पशु कल्याण, सामुदायिक भागीदारी और टिकाऊ व्यवस्थाओं का साथ-साथ चलना जरूरी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि शहर की गौशालाओं और सामुदायिक परियोजनाओं के बेहतर संचालन के लिए लगातार निगरानी और आवश्यक सहयोग जारी रहेगा।