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जगरांव/ यूटर्न/21 मार्च।शहर के रायकोट रोड स्थित गांधी नगर (वार्ड नंबर 10) में पिछले एक महीने से बदहाल सीवरेज व्यवस्था ने स्थानीय निवासियों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शुक्रवार को स्थिति तब बेकाबू हो गई जब सड़कों और नालियों में बहने वाला सीवरेज का गंदा पानी लोगों के घरों के अंदर तक घुसने लगा। इस गंभीर जलभराव और प्रशासनिक अनदेखी से आक्रोशित होकर मोहल्लेवासियों ने स्थानीय पार्षद रमेश कुमार सहोता (मेषी) के नेतृत्व में नगर कौंसिल के खिलाफ जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। पीने के पानी में मिल रहा सीवरेज, मंडराया बीमारियों का खतरा स्थानीय निवासियों- बलदेव सिंह, जगतार सिंह, बूटा सिंह, छिंदर सिंह, गुरचरण सिंह और मीता सिंह ने अपनी परेशानी साझा करते हुए बताया कि गर्मी के मौसम की शुरुआत के साथ ही इलाके में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि सीवरेज का दूषित पानी अब पेयजल आपूर्ति की पाइपलाइनों में भी मिल रहा है। इसके चलते पानी पीने लायक तो दूर, दैनिक कार्यों में इस्तेमाल करने योग्य भी नहीं रह गया है। लोगों का कहना है कि स्कूली बच्चों और नौकरीपेशा लोगों को रोजाना इसी दुर्गंधयुक्त पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे इलाके में महामारी फैलने का डर बना हुआ है। अधिकारियों का घेराव और तत्काल सफाई का आदेश धरने की सूचना मिलते ही स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन और नगर परिषद के अधिकारी मौके पर पहुंचे। जब नगर परिषद के कार्यकारी प्रधान कंवरपाल वहां आए, तो उन्हें लोगों के तीखे सवालों और भारी रोष का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट लहजे में पूछा कि जब वे नगर परिषद को समय पर सभी टैक्स चुका रहे हैं, तो बुनियादी सुविधाओं में उनके साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है? लोगों के उग्र होते गुस्से को देखते हुए और स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए, अधिकारियों ने तुरंत सफाई कर्मचारियों की टीमें मौके पर बुलाईं और जलभराव की निकासी का काम शुरू करवाया गया।