Uturn Time
Breaking
Mohali: मोहाली में नए स्कूलों के लिए गमाडा की पहल, तीन शैक्षणिक प्लॉट ई-नीलामी पर Chandigarh: चंडीगढ़ में 12 नए वेंडिंग जोन पर शुक्रवार को होगा फैसला, व्यापारियों की आपत्तियों पर होगी चर्चा जीएम को किया सस्पेंड, जांच जारी, कई और लोगों पर भी गिर सकती है गाज पंजाब के बाद हरियाणा में भी कांग्रेस का मुकाबला कांग्रेस से ऐसा भी होता है: बैंक ऑफ बड़ौदा का 5,700 करोड़ का अदालत के बाहर सबसे महंगा समझौता तस्करों का पीछा करते हुए पुलिस की गाड़ी दीवार से टकराई, एसएचओ गंभीर जख्मी Bathinda: बठिंडा हिरासत मौत मामला: इंस्पेक्टर समेत 5 पुलिसकर्मियों पर हत्या के आरोप तय Chandigarh: पंजाब के सरकारी स्कूलों में प्रिंसिपलों की पदोन्नति का रास्ता साफ, हाई कोर्ट ने हटाई रोक Chandigarh:पंजाब में मतदाता सूची अपडेट अभियान तेज, 11-12 जुलाई को सभी बूथों पर लगेंगे विशेष शिविर: सीईओ अनिंदिता मित्रा Chandigarh: पंजाब में बच्चों के भविष्य की नई नींव, 892 आधुनिक आंगनवाड़ी केंद्र तैयार Chandigarh: पंजाब में बच्चों के भविष्य की नई नींव, 892 आधुनिक आंगनवाड़ी केंद्र तैयार Fazilka: फाजिल्का में पुलिस का मुंशी हेरोइन तस्करी के आरोप में गिरफ्तार, चौकी इंचार्ज भी निलंबित
Logo
Uturn Time
जीरकपुर 05 March : पीर मुछल्ला  स्थित डंपिंग साइट पर पिछले कुछ हफ्तों से चल रहे कचरा उठाने के कार्य को लेकर स्थानीय प्रतिनिधियों ने चिंता जताई है। टीम के साथ डंपिंग साइट का दौरा करने के बाद उन्होंने नगर परिषद जीरकपुर के प्रधान सरदार उदयवीर सिंह ढिल्लों को मौके की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि कचरा उठाने वाली कंपनी ने 8 से 10 फीट गहरे गड्ढों में दबे कचरे को निकालने का काम बंद कर दिया है और अब केवल रोजाना आने वाले कचरे को उठाने के नियमित कार्य में ही लग गई है। जबकि पहले इन गड्ढों में दबे पुराने कचरे को पूरी तरह साफ करना जरूरी है। समाजसेवी गुरु सेवक सिंह पूनिया ने बताया कि  पिछले करीब छह महीनों से जीरकपुर, पंचकूला और चंडीगढ़ समेत आसपास के इलाकों का कचरा इस डंपिंग साइट पर लाया जा रहा था, जिसे स्थानीय लोगों के सहयोग से रुकवाया गया था। कंपनी ने फिलहाल केवल सतह पर जमा कचरे के पहाड़ों को हटाया है, जो कुल कचरे का लगभग 40 प्रतिशत ही बताया जा रहा है। सतह के नीचे दबा हुआ काफी कचरा अभी भी मौजूद है, जिसे मलबे से ढकने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि गड्ढों में दबे इस सड़े-गले कचरे को नहीं निकाला गया तो इससे जमीन का पानी दूषित होने और बीमारियां फैलने का खतरा बना रहेगा। इस संबंध में नगर परिषद जीरकपुर के प्रधान सरदार उदयवीर सिंह ढिल्लों और नगर परिषद प्रशासन से अपील की गई है कि गड्ढों में दबे कचरे को भी बाहर निकलवाकर इन गड्ढों को मिट्टी और मलबे से भरवाया जाए, न कि सड़े हुए कचरे से। साथ ही अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं से भी अपील की गई है कि अधूरे काम को पूरा होने का दावा कर झूठी वाहवाही लेने के बजाय सभी मिलकर कंपनी पर दबाव बनाएं ताकि डंपिंग साइट को पूरी तरह साफ कराया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि राजनीति करनी है तो किसी अन्य मुद्दे पर की जाए, लेकिन इस गंभीर जनहित के मुद्दे पर नहीं।