शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार में अधिक निवेश की जरूरत पर दिया ज़ोर, मोहाली सेमीकंडक्टर फैब के लिए ₹10,000 करोड़ पैकेज की मांग
नई दिल्ली । राज्यसभा सांसद राजिंदर गुप्ता ने केंद्रीय बजट 2026–27 पर चर्चा के दौरान ऊपरी सदन में एक व्यापक, संतुलित और दूरदर्शी भाषण दिया। उन्होंने सरकार के वित्तीय अनुशासन की सराहना करते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सृजन में सार्वजनिक निवेश बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
गुप्ता ने वित्त मंत्री को लगातार नौवां बजट पेश करने पर बधाई देते हुए इसे स्थिरता, निरंतरता और शासन में बढ़ते महिला नेतृत्व का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि बजट की शुरुआत गरीब और कमजोर वर्गों के संकल्प से होती है, जो महात्मा गांधी के उस विचार को दर्शाती है कि किसी समाज की पहचान उसके सबसे कमजोर नागरिकों के साथ व्यवहार से होती है।
### बजट की प्रमुख उपलब्धियां
राजिंदर गुप्ता ने बजट की कई मजबूत विशेषताओं को रेखांकित किया, जिनमें शामिल हैं—
* **राजकोषीय घाटा 4.3% पर नियंत्रित**
* **पूंजीगत व्यय ₹12 लाख करोड़ से अधिक**
* **कर सुधार और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर निरंतर फोकस**
* **फार्मा सेक्टर को राहत उपाय**
* **महिला-केंद्रित योजनाओं के लिए बढ़ा आवंटन**
* **भारत–यूरोपीय संघ व्यापार समझौता**, जिसे उन्होंने “मदर ऑफ ट्रेड डील्स” बताया
हालांकि उन्होंने कहा कि यदि भारत को *सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास* के लक्ष्य के साथ दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना है, तो शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत ढांचे में सार्वजनिक खर्च और मजबूत करना होगा।
### शिक्षा और युवा: संरचनात्मक सुधार की जरूरत
गुप्ता ने शिक्षा के बढ़ते व्यवसायीकरण पर चिंता जताते हुए कहा कि बजट में **₹1.39 लाख करोड़** का आवंटन सकारात्मक है, लेकिन यह अभी भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के **GDP के 6% लक्ष्य** से कम है।
उन्होंने तथ्य रखते हुए बताया—
* देशभर में **90,000 से अधिक स्कूल बंद** हो चुके हैं
* सरकारी स्कूलों पर जनता का भरोसा घटा है
* कोचिंग उद्योग छात्रों की चिंता से फल-फूल रहा है
* युवा बेरोजगारी दर **20% से ऊपर** है
* डिग्री और कौशल के बीच बड़ा अंतर है
उन्होंने सुझाव दिए—
* **स्वतंत्र शिक्षा आयोग** की स्थापना
* सरकारी स्कूलों में **सेंटर ऑफ एक्सीलेंस**
* अधिकारियों के लिए जवाबदेही व्यवस्था
* **Education–Employment–Enterprise (EEE) क्लस्टर** मॉडल
### स्वास्थ्य: सार्वजनिक व्यवस्था पर दबाव
गुप्ता ने आयुष्मान भारत योजना और आयुर्वेद व मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने की सराहना की, लेकिन कहा कि भारत का स्वास्थ्य पर खर्च केवल **GDP का 1.9%** है, जो वैश्विक मानकों से काफी कम है।
उन्होंने मांग की—
* सरकारी अस्पतालों को आपात रूप से मजबूत किया जाए
* पिछड़े क्षेत्रों में अस्पतालों को टैक्स प्रोत्साहन
* आयुष्मान भारत में समय पर भुगतान और सुरक्षा तंत्र
### वरिष्ठ नागरिक और महिला सशक्तिकरण
राजिंदर गुप्ता ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए—
* टैक्स और किराया राहत
* सुरक्षित और बेहतर बैंक ब्याज दर
* बुजुर्ग जमाकर्ताओं के लिए संरक्षण
वहीं महिलाओं के लिए—
* महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों से अनिवार्य सरकारी खरीद
* कार्यस्थल सुरक्षा
* चाइल्ड केयर इंफ्रास्ट्रक्चर की व्यवस्था की मांग रखी।
### पंजाब के लिए ₹10,000 करोड़ सेमीकंडक्टर पैकेज की मांग
पंजाब से सांसद होने के नाते गुप्ता ने राज्य के औद्योगिक पुनरुत्थान का मुद्दा मजबूती से उठाया। उन्होंने मोहाली में आधुनिक **सेमीकंडक्टर फैब** स्थापित करने के लिए **₹10,000 करोड़ के विशेष पैकेज** की मांग की।
उन्होंने कहा कि मोहाली स्थित **सेमीकंडक्टर लैबोरेटरी (SCL)** देश की एकमात्र सरकारी फैब इकाई है और इसे आधुनिक फैब्रिकेशन यूनिट में बदलना केवल पंजाब नहीं बल्कि राष्ट्रीय तकनीकी आत्मनिर्भरता का प्रश्न है।
उन्होंने कहा,
“यह सिर्फ पंजाब की मांग नहीं, बल्कि भारत की सेमीकंडक्टर संप्रभुता का सवाल है।”
### पलायन का समाधान है उद्योग
गुप्ता ने कहा कि पंजाब में मजबूत औद्योगिक ढांचा—
* इंजीनियरों और तकनीशियनों को उच्च कौशल रोजगार देगा
* MSME सप्लाई चेन को मजबूत करेगा
* निर्यात और क्षेत्रीय GDP बढ़ाएगा
* युवाओं का कनाडा और यूके जैसे देशों की ओर पलायन रोकेगा
### टेक्सटाइल सेक्टर और व्यापार समझौते
उन्होंने भारत–EU ट्रेड डील का स्वागत करते हुए कहा कि सही इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स सुधार और पूंजी समर्थन मिले तो पंजाब का टेक्सटाइल उद्योग इसका बड़ा लाभ उठा सकता है।
### संतुलित क्षेत्रीय विकास की अपील
अंत में राजिंदर गुप्ता ने केंद्र सरकार से संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करने का आग्रह किया और कहा कि पंजाब के औद्योगिक इकोसिस्टम को सशक्त बनाना सीधे तौर पर **विकसित भारत 2047** के लक्ष्य को मजबूत करेगा।