चंडीगढ़ 07 Feb : गौ संरक्षण और पशु कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गठित गौ कल्याण समिति ने शनिवार को मलोया स्थित गौशाला का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं, प्रबंधन व्यवस्था और पशुओं के समग्र स्वास्थ्य की समीक्षा की।
निरीक्षण दल में समिति सदस्य रमेश कुमार और विनोद बंसल के साथ नगर निगम चंडीगढ़ के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। इनमें डॉ. हिमांशु गुप्ता, संयुक्त आयुक्त, मोहिंदर पाठक, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक, इंजीनियरिंग विंग के अधिकारी, नगर निगम के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, गौशाला प्रबंधन और स्टाफ मौजूद रहे।
गौरतलब है कि यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक द्वारा गठित गौ कल्याण समिति की पहली बैठक 23 जनवरी को हुई थी, जिसमें यह निर्णय लिया गया था कि शहर की सभी गौशालाओं को कवर करने के उद्देश्य से हर महीने किसी एक गौशाला का निरीक्षण किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान समिति ने पशुओं के स्वास्थ्य, शेडों की स्थिति, चारे की उपलब्धता, साफ-सफाई, पशु चिकित्सा सेवाओं और रोग रोकथाम उपायों का जायजा लिया। समिति के सदस्यों ने गौशाला में किए गए सुधारों पर संतोष व्यक्त किया, विशेष रूप से स्वच्छता व्यवस्था, शेडों के बेहतर रखरखाव और पशुओं के स्वास्थ्य व सुविधा पर बढ़े ध्यान की सराहना की गई।
समिति ने नगर निगम और गौशाला प्रबंधन द्वारा गौ कल्याण से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने और पशुओं के मानवीय देखभाल के लिए उठाए गए कदमों की प्रशंसा की। साथ ही, समिति ने दीर्घकालिक और सतत योजना पर जोर देते हुए कचरा प्रबंधन, पर्यावरण अनुकूल उपायों, चारा प्रबंधन में सुधार, नियमित स्वास्थ्य निगरानी और पशुपालन की बेहतर कार्यप्रणालियों को अपनाने की आवश्यकता बताई।
समिति सदस्यों ने कहा कि गौ कल्याण, पशु संरक्षण और शहरी पर्यावरणीय संतुलन का अहम हिस्सा है। उन्होंने नगर निगम, पशु चिकित्सा विभाग और गौशाला प्रबंधन के बीच निरंतर समन्वय बनाए रखने पर बल दिया, ताकि पशुओं को और बेहतर देखभाल मिल सके।
इस अवसर पर डॉ. हिमांशु गुप्ता, संयुक्त आयुक्त ने कहा कि नगर निगम चंडीगढ़ पशु कल्याण से जुड़ी पहलों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आश्वासन दिया कि गौ कल्याण समिति द्वारा दिए गए सुझावों पर गंभीरता से विचार कर उन्हें आगामी कार्ययोजनाओं में शामिल किया जाएगा।