अजीत झा.
चंडीगढ़ 06 Feb | बढ़ते ट्रैफिक दबाव और सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने अहम कदम उठाया है। हल्लोमाजरा से जीरकपुर लाइट प्वाइंट तक सड़क की सर्विस लेन को चौड़ा करने का निर्णय लिया गया है। इस परियोजना के पूरा होने से इस व्यस्त मार्ग पर लगने वाले जाम और दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है। कार्य को 31 मार्च तक पूरा करने की समय-सीमा तय की गई है।
यह निर्णय डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव की अध्यक्षता में आयोजित रोड सेफ्टी कमेटी की बैठक में लिया गया। बैठक में ट्रैफिक एसएसपी सहित सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सड़क हादसों पर प्रशासन की सख्ती
बैठक के दौरान शहर में हो रही सड़क दुर्घटनाओं, उनके कारणों और रोकथाम के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। डिप्टी कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा से जुड़ी सभी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
सेक्टर-29/30 रोड पर लगाए जाएंगे सेफ्टी ग्रिल
दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सेक्टर-29/30 की विभाजित सड़क के मीडियन पर ग्रिल लगाने का भी फैसला लिया गया है। प्रशासन के अनुसार, लोग अक्सर मीडियन को अवैध रूप से पार करते हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। ग्रिल लगाए जाने से पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और ट्रैफिक व्यवस्था भी सुधरेगी।
साइकिल ट्रैक पर भी तय हुई समय-सीमा
गैर-मोटराइज्ड परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में पूर्व मार्ग पर बन रहे साइकिल ट्रैक को भी 31 मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का मानना है कि इससे साइकिल चालकों को सुरक्षित मार्ग मिलेगा और मुख्य सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा।
घातक दुर्घटना स्थलों पर तुरंत सुधार
बैठक में शहर के चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर भी विशेष ध्यान दिया गया। इन स्थानों पर सड़क डिजाइन सुधार, साइन बोर्ड, रोड मार्किंग और ट्रैफिक कंट्रोल उपायों को जल्द लागू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
अतिक्रमण पर कड़ी नजर
डिप्टी कमिश्नर ने सड़कों और फुटपाथों पर बढ़ते अतिक्रमण को सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमित रूप से की जाए और भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न हो, इसके लिए सतत निगरानी रखी जाए।