नवीन गोगना
जगरांव 5 फरवरी/युटर्न : जगरांव के गांव लक्खा में दलित बुजुर्ग दंपती के साथ मारपीट मामले में पुलिस द्वारा उन्हीं पर ही झूठा मामला दर्ज किए जाने पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। वीरवार को दलित एवं मजदूर महिलाओं ने काली चुन्नियां लेकर एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद महिलाओं ने एसएसपी कार्यालय के बाहर जोरदार नारेबाजी करते हुए पुलिस के कथित पक्षपातपूर्ण रवैये के खिलाफ रोष जताया।
अवतार सिंह ने बताया कि गांव लक्खा के एक व्यक्ति ने उसी गांव के दलित बुजुर्ग दंपती के साथ बेरहमी से मारपीट की। आरोप है कि हमलावर ने अपनी ही उंगली पर खुद चोट मारकर पीड़ित दलित बुजुर्ग दंपती और उनके पड़ोसी, पूर्व दलित सरपंच के खिलाफ धारा 26 के तहत झूठा मामला दर्ज करवाया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि थाना हठूर के एएसआई ने जांच के दौरान पीड़ित बुजुर्ग दंपती के बयान अपनी मर्जी से लिखकर हमलावर पक्ष का समर्थन किया। इतना ही नहीं, पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करते हुए जांच के दौरान ही पीड़ित बुजुर्ग को जेल भेज दिया गया, जिससे जांच को प्रभावित करने का प्रयास किया गया।
पेंडू मजदूर यूनियन की नेता बीबी जसबीर कौर के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में मांग की गई कि पीड़ित दलित परिवार पर दर्ज झूठा मामला तुरंत रद्द किया जाए और दलित गरीब बुजुर्ग दंपती पर अत्याचार करने वाले व्यक्ति के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।
इस मौके पर पेंडू मजदूर यूनियन के जनरल सेक्रेटरी अवतार सिंह रसूलपुर और जिला प्रधान सुखदेव सिंह माणूंके ने कहा कि अत्याचार के शिकार लोगों पर ही झूठा पुलिस केस दर्ज करना गंभीर अन्याय है। वहीं पेंडू मजदूर यूनियन मशाल के नेता मदन सिंह ने चेतावनी दी कि यदि झूठा मामला रद्द नहीं किया गया तो संगठन के कार्यकर्ता आने वाले संघर्ष करेंगे।
एसएसपी ने दिया निष्पक्ष जांच का भरोसा
प्रदर्शन के दौरान एसएसपी लुधियाना देहाती ने संगठन के नेताओं और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच और जल्द इंसाफ दिलाने का भरोसा दिलाया। इस मौके पर जसवीर कौर, बब्बी कौर, परमजीत कौर, सिमलो कौर सहित कई दलित व मजदूर महिलाएं मौजूद रहीं