राजदीप सिंह सैनी
लुधियाना/यूटर्न/8 अगस्त। आज कलयुग में किसी की सहायता करना खतरे से खाली नहीं है, क्योंकि पैसों के चक्कर में लोगों की इंसानियत मरती जा रही है। ऐसा ही एक मामला लुधियाना के दुगरी के फेस-3 के एलआईजी फ्लैट का सामने आया है। जहां पर एक फाइनेंसर द्वारा ब्याज पर पैसे देकर एक महिला की रहने की छत पक्की करके दी। लेकिन बाद में उसी महिला ने साथी के साथ मिलकर फाइनेंसर के ही फ्लैट की दीवार तोड़कर कब्जे का प्रयास किया, जबकि सामान चोरी कर लिया। पीड़ित ने इस संबंधी पुलिस को शिकायत दी। थाना दुगरी की पुलिस ने पक्खोवाल रोड के विशाल नगर के रहने वाले जसविंदर सिंह वड़ैच की शिकायत पर दुगरी अर्बन एस्टेट फेस-3 एलआईजी फ्लैट की रहने वाली सुनीता शार्दा और हरप्रीत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में रेड कर रही है। पुलिस को दी शिकायत में शिकायतकर्ता ने बताया कि वे फाइनेंसर है और उसका पक्खोवाल रोड पर किंग फाइनेंस सर्विस के नाम से कारोबार है। उनके अनुसार आरोपी हरप्रीत सिंह दूसरी महिला सुनील शार्दा का साथी है। सुनील शार्दा पहले शिकायतकर्ता के साथ कारोबार करती थी और कई बार पैसे ले जाती थी। जबकि वे पेमेंट समय अनुसार वापिस भी कर देती थी।
घर की छत्त पक्की करने को लिए पांच लाख
शिकायतकर्ता ने बताया कि उसकी पत्नी कमलजीत कौर की सेहत ठीक न होने के चलते उन्होंने सुनीता शार्दा द्वारा अपील करने पर उसे घरेलू काम के लिए रख लिया। 16 जनवरी 2025 को सुनीता और हरप्रीत सिंह उसके ऑफिस आए। उन्होंने कहा कि वे दुगरी एलआईजी फ्लैट के फ्लैट नंबर 698 में किराए पर रहती है। वे उक्त फ्लैट खरीदना चाहती है, वहीं बेटे को पुरानी कार लेकर देनी है। जिसके चलते उसने अपने लिए तीन लाख और हरप्रीत सिंह ने दो लाख रुपए मांगे। उन्होंने समय अनुसार पैसे वापिस करने और शिकायतकर्ता की पत्नी की सेवा करने का वादा किया। जिस पर उन्हें पांच लाख की पेमेंट दे दी। आरोपियों ने फ्लैट नंबर 698 की अलॉटमेंट अपने नाम करवा ली।
फ्लैट देखकर नीयत हुई खराब
शिकायतकर्ता के अनुसार सिंतबर 2025 में सुनील ने काम छोड़ने की बात कही तो शिकायतकर्ता ने पेमेंट वापिस करने को कहा। जिस पर सुनीता ने फैसला किया कि वे फ्लैट नंबर 699 जिसकी अलॉटमेंट लेटर एक अन्य फाइनेंसर के पास गिरवी है, उससे लेकर शिकायतकर्ता के नाम करवा देगी। जबकि बाकी के तीन लाख रुपए जल्द वापिस कर दिए जाएंगे। कुछ दिन बाद सुनील शार्दा और हरप्रीत सिंह ने फ्लैट नंबर 699 की अलॉटमेंट शिकायतकर्ता के नाम करके कब्जा दे दिया। फ्लैट में शिकायतकर्ता का वर्कर वरिंदर सिंह रहने लगा। पांच अगस्त 2026 की रात वरिंदर काम से छुट्टी करके वापिस घर गया तो देखा कि आरोपियों ने फ्लैट की दीवार तोड़कर कब्जे का प्रयास किया। जबकि फ्लैट में पड़ा सारा सामान भी चुरा लिया।
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