कांग्रेस ने नगर निगम की आगामी हाउस मीटिंग में मुफ्त पानी के प्रस्ताव को लागू कराने के लिए जोरदार आवाज उठाने का निर्णय लिया है। पार्टी का कहना है कि सदन से दो बार पारित प्रस्ताव अब तक लागू नहीं हुआ। कांग्रेस पेयजल, सीवरेज, सफाई, सड़कों, पार्कों और विकास कार्यों की धीमी रफ्तार जैसे मुद्दों पर भी प्रशासन को घेरते हुए जनहित के लंबित मामलों पर जवाब मांगेगी।
चंडीगढ़: चंडीगढ़ नगर निगम की आगामी हाउस मीटिंग से पहले कांग्रेस ने जनहित के मुद्दों को लेकर अपनी रणनीति तैयार कर ली है। गुरुवार को आयोजित कांग्रेस पार्षद दल की प्री-हाउस बैठक में निर्णय लिया गया कि सदन में एक बार फिर प्रत्येक परिवार को 20 हजार लीटर मुफ्त पानी उपलब्ध कराने की मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी। इसके साथ ही शहर में पेयजल संकट, सीवरेज व्यवस्था, सड़कों की बदहाली, पार्कों के रखरखाव, स्वच्छता और नगर निगम की वित्तीय पारदर्शिता जैसे कई अहम मुद्दों पर भी प्रशासन से जवाब मांगा जाएगा।
बैठक में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि 20 हजार लीटर मुफ्त पानी का प्रस्ताव नगर निगम सदन दो बार पारित कर चुका है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने आज तक इसे लागू नहीं किया। नेताओं का कहना था कि यह केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि चंडीगढ़ के लाखों परिवारों से जुड़ा जनहित का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सदन में पारित प्रस्तावों की लगातार अनदेखी लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।
‘मुफ्त पानी जनता का अधिकार’
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि शहर में बढ़ती महंगाई के बीच हर परिवार को 20 हजार लीटर मुफ्त पानी उपलब्ध कराना जरूरी है। उनका कहना था कि प्रशासन को सदन के निर्णयों का सम्मान करते हुए इस योजना को तत्काल लागू करना चाहिए। पार्टी ने साफ किया कि जब तक यह सुविधा लागू नहीं होती, तब तक इस मुद्दे को सदन के भीतर और बाहर लगातार उठाया जाएगा।
पिछले प्रदर्शन का भी दिलाया याद
बैठक में नेताओं ने याद दिलाया कि पिछली नगर निगम हाउस मीटिंग के दौरान कांग्रेस पार्षदों ने सदन के भीतर इस मुद्दे पर जोरदार विरोध दर्ज कराया था। इसके अलावा नगर निगम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर प्रशासन पर जनहित के फैसले लागू करने का दबाव भी बनाया गया था। कांग्रेस का कहना है कि यदि इस बार भी प्रशासन ने सकारात्मक रुख नहीं अपनाया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इन मुद्दों पर भी सरकार को घेरेगी कांग्रेस
प्री-हाउस बैठक में तय किया गया कि कांग्रेस केवल मुफ्त पानी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई अहम मुद्दों को भी सदन में उठाएगी। इनमें पेयजल आपूर्ति की स्थिति, सीवरेज व्यवस्था, टूटी सड़कें, पार्कों का रखरखाव, सफाई व्यवस्था, विकास कार्यों की धीमी रफ्तार और नगर निगम की वित्तीय पारदर्शिता प्रमुख रूप से शामिल हैं।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शहर में कई विकास परियोजनाएं प्रभावित हैं और नागरिक मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हैं। ऐसे में प्रशासन को जवाबदेह बनाना विपक्ष की जिम्मेदारी है।
जनहित के फैसलों का समर्थन, जनविरोधी नीतियों का विरोध
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह नगर निगम सदन में हर उस प्रस्ताव का समर्थन करेगी जो शहर के विकास और जनता के हित में होगा। वहीं, जिन नीतियों या फैसलों से नागरिकों के हित प्रभावित होंगे, उनका सदन के भीतर और बाहर पूरी ताकत से विरोध किया जाएगा।
पार्टी नेताओं ने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य केवल विपक्ष की भूमिका निभाना नहीं, बल्कि शहर के लोगों की आवाज बनकर उनकी समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाना है। इसी रणनीति के तहत आगामी हाउस मीटिंग में कांग्रेस आक्रामक रुख अपनाएगी और प्रशासन से जनहित के लंबित मुद्दों पर जवाब मांगेगी।