Uturn Time
Breaking
Chandigarh: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का आदेश, नंबर सीरीज बदलाव पर शुल्क नहीं Chandigarh: सीएम सैनी का सुझाव, टैंक बनाकर बढ़ाएं माइक्रो इरिगेशन Chamoli: 225 दिन बाद खुले हेमकुंड साहिब के कपाट, 5 क्विंटल फूलों से सजा धाम, 3000 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन Gurdaspur: शादी के 3 महीने बाद फौजी ने सुसाइड किया, पत्नी प्रेमी संग भागने पर उठाया कदम, पुलिस ने नहीं की थी सुनवाई Chandigarh: लेह में भारतीय सेना का हेलिकॉप्टर क्रैश, तीन आर्मी ऑफिसर बचे, मेजर जनरल ने सेल्फी ली New Delhi: सोशल मीडिया पर दिल्ली के तापमान को लेकर हड़कंप, दिल्ली का पारा 42 डिग्री या 65? Chandigarh: रंगला पंजाब पहल से पर्यटन क्षेत्र को मिल रही नई उड़ान : डॉ. संजीव कुमार तिवारी Hoshiarpur: केवल सत्संग ही आत्मिक शांति, प्रेम और आपसी सद्भाव का माध्यम Hoshiarpur: ओहरी ने वृद्ध आश्रम और कुष्ट आश्रम में सेवा करके सादे और प्रेरणास्रोत ढंग से मनाया जन्मदिन जमीनीं विवाद में भतीजे ने किया चाचा का मर्डर, डंडे से किया वार 225 दिन बाद खुले हेमकुंड साहिब के कपाट, 5 क्विंटल फूलों से सजा धाम, 3000 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन Phagwara: राज्यसभा सीटों और मंत्रियों के पद बेचने संबंधी क्रिकेटर हरभजन सिंह के आरोपों का जनता को जवाब दे भगवंत मान
Logo
Uturn Time
अजीत झा. पंचकूला 26 Jan । खुद को जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर रिटायर्ड कमांडर की पत्नी को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाने और फर्जी कोर्ट रूम के जरिए करीब 3 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के दो और सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मथुरा (उत्तर प्रदेश) निवासी अजय और राम के रूप में हुई है, जो वारदात के बाद मोहाली में किराये के मकान में रह रहे थे।पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। इस मामले में इससे पहले 15 जनवरी को पुलिस पूर्वी दिल्ली से नितिन सिंघल को भी गिरफ्तार कर चुकी है। फोन कॉल से शुरू हुआ ठगी का जाल पीड़िता, जो पंचकूला की रहने वाली हैं, ने पुलिस को बताया कि 4 दिसंबर को उनके पास एक फोन कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को एक टेलीकॉम कंपनी का कर्मचारी बताते हुए सेवाएं बंद होने की बात कही। इसके बाद कॉल को कथित सीनियर अधिकारी और फिर खुद को सीबीआई अधिकारी बताने वाले व्यक्ति से जोड़ दिया गया। आरोपियों ने महिला पर बैंकिंग चैनलों के माध्यम से करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का झूठा आरोप लगाया। विश्वास दिलाने के लिए उसे कुछ तस्वीरें भेजीं, जिनमें एक व्यक्ति को गिरफ्त में दिखाया गया था। हाउस अरेस्ट का डर और बच्चों को नुकसान की धमकी आरोपियों ने महिला की उम्र का फायदा उठाते हुए उसे डिजिटल हाउस अरेस्ट में होने का डर दिखाया। कहा गया कि पुलिस की गाड़ी उसके घर के बाहर खड़ी है और वह बिना अनुमति बाहर नहीं जा सकती। इस दौरान महिला से उसके सभी बैंक खातों की जानकारी हासिल कर ली गई और किसी को घटना बताने पर बच्चों की जान को खतरा होने की धमकी दी गई। फर्जी कोर्ट रूम में वीडियो कॉल पर पेशी 5 दिसंबर को आरोपियों ने वीडियो कॉल के जरिए महिला को एक नकली कोर्ट रूम में पेश किया, जहां फर्जी पुलिसकर्मी और एक नकली जज मौजूद था। तथाकथित जांच के नाम पर डराकर आरोपियों ने महिला से अलग-अलग खातों में कुल 2 करोड़ 98 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए।बाद में जब आरोपियों ने और पैसों की मांग की, तब महिला को ठगी का अहसास हुआ और उसने तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस जांच और खुलासे डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक मनप्रीत सिंह सूदन ने बताया कि इस संबंध में 14 दिसंबर को साइबर क्राइम थाने में मामला दर्ज किया गया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने फर्जी समन और वारंट, नकली कोर्ट रूम, और पुलिस व जांच एजेंसियों के अधिकारी बनकर इस सुनियोजित साइबर ठगी को अंजाम दिया।पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, पैसों के लेन-देन और पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।