पानीपत में आशा वर्कर्स यूनियन का स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन
पानीपत (निर्मल सिंह विर्क) : आशा वर्कर्स यूनियन संबंधित सीटू जिला कमेटी पानीपत के नेतृत्व में आशा वर्कर्स ने जिला सीएमओ कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री भारत सरकार को अपनी मांगों बारे सीएमओ के माध्यम से लिखित मांग पत्र भेजा गया। आगामी 21 जुलाई 2026 को हरियाणा राज्य कमेटी आशा वर्कर्स यूनियन में अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक पंचकूला चंडीगढ़ कार्यालय पर हजारों की संख्या में विरोध प्रदर्शन करने का किया ऐलान।
*प्रदर्शन का नेतृत्व सीटू राज्य सचिव सुनील दत्त, आशा वर्कर यूनियन जिला प्रधान बंटी, सचिव सुशीला, उप प्रधान सुनीता , सीमा , सह सचिव सुनीता, नरेश, कविता, लक्ष्मी, बबीता, आशा , सुमन आदि जिला कमेटी सदस्यों ने किया। अखिल भारतीय किसान सभा के जिला प्रधान डॉक्टर सुरेंद्र मलिक ने आशा ऑन के प्रदर्शन को संबोधित करते हुए उनकी मांगों का समर्थन किया और केंद्र सरकार से मांग की की तुरंत आशा वर्कर्स की मांगों को पूरा किया जाए।
*सीटू राज्य सचिव सुनील दत्त ने विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र व राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बेटी पढ़ाओ , बेटी बचाओ का नारा लगाने वाली यह सरकार व्यवहार में महिलाओं का शोषण कर रही है। देश की आशा वर्कर लाखों की संख्या में देश की जनता की सेवा कर रही है। करोना महामारी के समय जान हथेली पर रखकर देश की सेवा की और जिसकी प्रशंसा विश्व स्वास्थ्य संगठन ने की। लेकिन सरकार आशा वर्कर्स का आर्थिक और मानसिक शोषण कर रही है। 24 घंटे कभी भी आशा वर्कर्स अपनी सेवाएं देने के लिए तत्पर रहती है दिन हो या रात। लेकिन उनको उनके काम के आधार पर वेतन देने की बजाय मानदेय के नाम पर आर्थिक शोषण जारी है। आज पूरे देश के अंदर आशा वर्कर्स ने लाखों की संख्या में प्रदर्शन कर देश के स्वास्थ्य मंत्री के नाम लिखित मांग पत्र भेजा है। आशा वर्कर्स का शोषण किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा मजदूर संगठन सीटू आशाओं के आंदोलन में सक्रिय रूप से सहयोग करता रहेगा।
*मुख्य मांगे-
1. भारत सरकार द्वारा सन 2025 में आशा वर्कर्स की₹1500 की घोषणा तुरंत लागू की जाए।
2. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को एक स्थाई स्वास्थ्य कार्यक्रम बनाकर आशा वर्कर्स को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
3. देश में एक समान कार्य परिस्थितियों को सुनिश्चित किया जाए।
4. सभी आशा वर्कर्स को अवकाश 6 महीने का दिया जाए, इसके अलावा वार्षिक 20 दिन की आवश्यक अवकाश दिए जाएं और सभी आशा वर्कर्स को फ्री चिकित्सा सुविधा दी जाए।
5. पेंशन तक कोई सेवा निवृत्ति नहीं की जाए, रिटायरमेंट आर यू 65 वर्ष की जाए।
6. आशा कार्यकर्ताओं की वरिष्ठ के आधार पर अन्य पदों पर पदोउन्नति सुनिश्चित की जाए।
7. सभी पीएचसी, सीएचसी और अस्पतालों में आशा विश्राम कक्ष बनवाए जाएं।
8. आशा कार्यकर्ताओं को स्कूटर दिया जाए और स्कूटर के साथ ड्यूटी के दौरान यात्रा भता दिया जाए।
9. आशाओं पर सभी तरह के ऑनलाइन काम का दबाव बनाया जाना बंद किया जाए।
10. सरकारी स्वास्थ्य विभाग के ढांचे और अस्पतालों सहित सभी बुनियादी सुविधाओं के निजीकरण के प्रस्ताव पर रोक लगाई जाए और सरकारी स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया जाए।।
11. मजदूर विरोधी चार लेबर को रद्द किए जाएं, आशा और फैसिलिटेटर को श्रम कानून के दायरे में शामिल किया जाए।