लुधियाना, 22 जनवरी:
बीसीएम आर्य मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, शास्त्री नगर में 22 जनवरी को वार्षिक खेल पुरस्कार समारोह का भव्य आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर में उस दिन गर्व, परिश्रम और जुनून का अनोखा संगम देखने को मिला, जहाँ खिलाड़ियों की उपलब्धियों को सम्मानित किया गया और खेल भावना का उत्सव मनाया गया।
समारोह की शोभा बढ़ाने के लिए मुख्य अतिथि के रूप में दो बार के विश्व चैंपियन एवं राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता (पैरा-ताइक्वांडो) श्री संदीप सिंह सूदन उपस्थित रहे। उनके साथ विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष राकेश जैन, मानद सचिव वी. के. स्याल, कोषाध्यक्ष सुधीर स्याल, उपाध्यक्ष विनोद सहगल ,व्यास बैंबी तथा प्रधानाचार्या डॉ. अनुजा कौशल मंचासीन रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के गरिमामय स्वागत एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात प्रेरणादायक गीत ‘ए अनस्टॉपेबल’ की प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि महानता की शुरुआत तालियों से पहले आत्मविश्वास से होती है।
प्रधानाचार्या डॉ. अनुजा कौशल ने अपने संबोधन में कहा कि बीसीएम आर्य में खेल केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, अनुशासन और हर बार गिरकर फिर उठने का साहस सिखाते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों में मजबूत मानसिकता और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने पर विशेष ध्यान देता है।
इसके बाद मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह को और भी आकर्षक बना दिया। शास्त्रीय नृत्य ‘ब्लेंडेड रिद्म्स’ ने सौंदर्य बिखेरा, जबकि वेस्टर्न कोरियोग्राफी ‘बिलीव, रन एंड राइज़’ ने दृढ़ संकल्प की भावना को जीवंत किया। युगल गीत प्रस्तुति ने वातावरण को मधुर बना दिया।
198 खिलाड़ियों को मिला सम्मान
समारोह का सबसे खास क्षण रहा पुरस्कार वितरण समारोह, जिसमें कुल 198 खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। इनमें
5 अंतरराष्ट्रीय,
69 राष्ट्रीय तथा
124 राज्य स्तर के खिलाड़ी शामिल रहे।
हर सम्मान के पीछे कठोर अभ्यास, सुबह की मेहनत और निरंतर संघर्ष की कहानी छिपी थी, जिसे मंच पर सम्मान के साथ सराहा गया।
मुख्य अतिथि संदीप सिंह सूदन ने अपने प्रेरक संबोधन में विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा,
“सच्ची शक्ति मांसपेशियों में नहीं, बल्कि मजबूत मानसिकता में होती है।”
उनके संघर्ष और सफलता से भरे अनुभवों ने विद्यार्थियों में नया उत्साह और आत्मविश्वास भर दिया।
समारोह का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसके बाद ऊर्जावान भांगड़ा प्रस्तुति ‘स्पिरिट ऑफ पंजाब’ ने सभागार को रंग, लय और सांस्कृतिक गौरव से भर दिया। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ, जहाँ हर स्वर एकता और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक बन गया।