पंथक नेताओं की अकाल तख्त साहिब में बैठक, सुरक्षा एक्ट बना चर्चा का केंद्र
अमृतसर: Akal Takht Sahib में सोमवार को हुई अहम पंथक बैठक में ‘गुरु ग्रंथ साहिब जागत जोत सुरक्षा एक्ट-2026’ की विवादित धाराओं पर गहन चर्चा हुई। विभिन्न सिख संगठनों और धार्मिक संस्थाओं ने इन प्रावधानों पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
बैठक में सिख जत्थेबंदियों, टकसालों, कार सेवा संप्रदायों, फेडरेशनों, विद्वानों और राजनीतिक प्रतिनिधियों की व्यापक भागीदारी रही। चर्चा का केंद्र न केवल प्रस्तावित एक्ट रहा, बल्कि पंथक एकता और समुदाय के समकालीन मुद्दे भी एजेंडे में शामिल रहे।
कार्यकारी जत्थेदार Giani Kuldeep Singh Gargaj ने कहा कि मौजूदा समय में सिख कौम कई चुनौतियों से गुजर रही है और ऐसे में सामूहिक निर्णय की आवश्यकता है। उन्होंने भरोसा जताया कि सभी पक्ष मिलकर कौम के हित में ठोस और सर्वमान्य फैसला करेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख पंथ की सर्वोच्च धार्मिक संस्था है, जिसकी मर्यादा और स्वतंत्रता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने संगत और संगठनों से मतभेद भुलाकर एकजुट रहने की अपील की।
इस बैठक को पंथक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसके निष्कर्ष आने वाले समय में सिख समुदाय से जुड़े बड़े फैसलों की दिशा तय कर सकते हैं।