चंडीगढ़/यूटर्न/8 जून। सोमवार शाम आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में पिघली हुई धातु के फैलने से कम से कम आठ कर्मचारियों की मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। यह हादसा स्टील मेल्टिंग शॉप (एसएमएस) यूनिट में हुआ, जब पिघली हुई धातु ले जा रही एक लैडल (बड़ी कड़ाही/पात्र) के गिरने की खबर है, जिससे बहुत ज़्यादा गर्म पदार्थ तेज़ी से काम करने वाली जगह पर फैल गया। आस-पास मौजूद कर्मचारी इस फैलाव की चपेट में आ गए, जिससे कई लोगों की मौत हुई और कई घायल हो गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, पीड़ित बुरी तरह झुलस गए थे। घायल कर्मचारियों को तुरंत पास के अस्पतालों में ले जाया गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। घटना के तुरंत बाद इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमें, दमकलकर्मी और प्लांट के अधिकारी मौके पर पहुँचे और बचाव व राहत कार्य शुरू किए।
हादसे के कारण नहीं आए सामने
हादसे की सही वजह का अभी आधिकारिक तौर पर पता नहीं चल पाया है। अधिकारियों ने यह पता लगाने के लिए जाँच शुरू कर दी है कि क्या यह हादसा उपकरण खराब होने, तकनीकी खराबी, मानवीय गलती या अन्य ऑपरेशनल कारणों से हुआ था। जाँच के हिस्से के तौर पर अधिकारियों द्वारा सुरक्षा प्रोटोकॉल और रखरखाव के रिकॉर्ड की जाँच किए जाने की उम्मीद है।
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की बढ़ी चिंताएं
इस घटना ने भारी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, खासकर स्टील प्लांट में औद्योगिक सुरक्षा को लेकर चिंताएँ फिर से बढ़ा दी हैं, जहाँ कर्मचारी बहुत ज़्यादा तापमान और पिघली हुई धातु जैसे बेहद खतरनाक हालात में काम करते हैं। मज़दूर यूनियनों और कर्मचारी प्रतिनिधियों ने भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए व्यापक जाँच और सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने की माँग की है। उन्होंने जान गँवाने वालों के परिवारों के लिए उचित मुआवज़े की भी माँग की है। प्लांट मैनेजमेंट और राज्य के अधिकारी स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं और साथ ही घायल कर्मचारियों व मृतकों के परिवारों को मदद पहुँचा रहे हैं।
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