किसानों का चोरों पर तंज— QR कोड लगाकर पेमेंट की बात कही
फरीदकोट: जिले के गांव पक्की कलां में ट्यूबवेल मोटरों की लगातार हो रही चोरी से परेशान किसानों ने एक अनोखी और व्यंग्यात्मक अपील की है। किसानों ने चोरों से आग्रह किया है कि वे मोटरें चोरी करने के बजाय खेतों में अपना यूपीआई स्कैनर या क्यूआर कोड लगा जाएं, ताकि वे आपस में पैसे इकट्ठा कर उनके खाते में भेज देंगे, लेकिन उनकी कृषि मशीनरी को नुकसान न पहुंचाया जाए।
यह अनोखी अपील उस समय सामने आई जब बीती रात चोरों ने गांव के खेतों से करीब 25 ट्यूबवेल मोटरें चोरी कर लीं। एक ही रात में बड़ी संख्या में हुई इस चोरी से किसानों में गहरा रोष और असहायता देखने को मिली। इसके बाद किसानों ने अपनी नाराजगी जताने के लिए एक पोस्टर तैयार किया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
किसानों का कहना है कि धान की रोपाई के महत्वपूर्ण समय में ट्यूबवेल मोटरों की चोरी उनके लिए गंभीर संकट पैदा कर देती है। इससे सिंचाई व्यवस्था बाधित होती है और फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है। किसानों ने आरोप लगाया कि बार-बार हो रही चोरी की घटनाओं के बावजूद पुलिस और प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
गांव के किसानों ने बताया कि हर साल ऐसी घटनाओं से उन्हें लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है। मोटरों की चोरी से खेती का पूरा चक्र प्रभावित होता है और मानसिक तनाव भी बढ़ता है। मजबूरी में उन्होंने यह अपील की है कि यदि चोर चोरी ही करना चाहते हैं तो कम से कम उनकी कृषि मशीनरी को नुकसान न पहुंचाएं।
ग्रामीणों ने बताया कि वे रात के समय खेतों में बने कमरों में रहकर मोटरों की रखवाली करते थे, लेकिन अब संगठित गिरोहों के हथियारबंद होने के कारण लोग डर के साये में हैं। अंधेरा होते ही खेत सुनसान हो जाते हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, इन चोरी की घटनाओं में 10 से 12 सदस्यों के गिरोह शामिल होते हैं, जो मोटरें चोरी कर उन्हें कबाड़ियों को बेच देते हैं। पुलिस का कहना है कि पहले भी ऐसे मामलों में चोरी का सामान बरामद किया जा चुका है। किसानों की यह अनोखी अपील उनकी बढ़ती बेबसी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता को दर्शाती है।