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10 हजार रिकॉर्ड और 12 हजार अनुवाद के नाम पर मांगे थे 22 हजार; 18,000 पहले डकार चुका था आरोपी चंडीगढ़, 15 जनवरी 2026: पंजाब विजिलेंस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को जारी रखते हुए जालंधर स्थित डायरेक्टर लैंड रिकॉर्ड विभाग के एक ठेका आधारित कर्मचारी परवेश को 4,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया है। आरोपी ने एक व्यक्ति से उसकी पैतृक जमीन के दस्तावेज उपलब्ध कराने और उनका अनुवाद करने के नाम पर मोटी रकम की मांग की थी। 12 एकड़ जमीन के हक के लिए मांगी थी रिश्वत विजिलेंस प्रवक्ता ने बताया कि यह कार्रवाई जिला एसबीएस नगर के गांव छोकरा निवासी एक व्यक्ति की शिकायत पर की गई है। शिकायतकर्ता की पत्नी ने दसूहा अदालत में अपनी 12 एकड़ पैतृक जमीन के मालिकाना हक के लिए सिविल मुकदमा दायर किया था। इस केस की मजबूती के लिए उन्हें जमीन की अलॉटमेंट, जमाबंदी और पुराने रिकॉर्ड की प्रमाणित प्रतियों की सख्त जरूरत थी। गूगल पे और नकद के जरिए वसूले 18 हजार शिकायतकर्ता ने बताया कि बार-बार दफ्तर के चक्कर लगाने के बाद भी उसे रिकॉर्ड नहीं मिल रहा था। इसी दौरान आरोपी परवेश ने उससे संपर्क किया और रिकॉर्ड उपलब्ध कराने व उसका उर्दू से पंजाबी में अनुवाद करवाने के बदले 22,000 रुपये की डील तय की। आरोपी पहले ही गूगल पे और नकद के माध्यम से 18,000 रुपये ऐंठ चुका था, लेकिन वह बाकी बचे 4,000 रुपये के लिए काम अटकाए बैठा था। सरकारी गवाहों की मौजूदगी में बिछाया जाल शिकायत मिलने पर विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी परवेश ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की आखिरी किस्त (4,000 रुपये) पकड़ी, विजिलेंस टीम ने उसे दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में दबोच लिया। "भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। आरोपी के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो थाना जालंधर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच की जा रही है।" — विजिलेंस ब्यूरो प्रवक्ता हाइलाइट्स: आरोपी: परवेश (ठेका आधारित कर्मचारी, लैंड रिकॉर्ड विभाग)। रिश्वत की मांग: ₹22,000 (कुल), ₹4,000 (रंगे हाथों बरामद)। वजह: जमीन के पुराने उर्दू रिकॉर्ड का अनुवाद और प्रमाणित प्रतियां देना। कार्रवाई: थाना जालंधर में FIR दर्ज।