Uturn Time
Breaking
Chandigarh: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का आदेश, नंबर सीरीज बदलाव पर शुल्क नहीं Chandigarh: सीएम सैनी का सुझाव, टैंक बनाकर बढ़ाएं माइक्रो इरिगेशन Chamoli: 225 दिन बाद खुले हेमकुंड साहिब के कपाट, 5 क्विंटल फूलों से सजा धाम, 3000 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन Gurdaspur: शादी के 3 महीने बाद फौजी ने सुसाइड किया, पत्नी प्रेमी संग भागने पर उठाया कदम, पुलिस ने नहीं की थी सुनवाई Chandigarh: लेह में भारतीय सेना का हेलिकॉप्टर क्रैश, तीन आर्मी ऑफिसर बचे, मेजर जनरल ने सेल्फी ली New Delhi: सोशल मीडिया पर दिल्ली के तापमान को लेकर हड़कंप, दिल्ली का पारा 42 डिग्री या 65? Chandigarh: रंगला पंजाब पहल से पर्यटन क्षेत्र को मिल रही नई उड़ान : डॉ. संजीव कुमार तिवारी Hoshiarpur: केवल सत्संग ही आत्मिक शांति, प्रेम और आपसी सद्भाव का माध्यम Hoshiarpur: ओहरी ने वृद्ध आश्रम और कुष्ट आश्रम में सेवा करके सादे और प्रेरणास्रोत ढंग से मनाया जन्मदिन जमीनीं विवाद में भतीजे ने किया चाचा का मर्डर, डंडे से किया वार 225 दिन बाद खुले हेमकुंड साहिब के कपाट, 5 क्विंटल फूलों से सजा धाम, 3000 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन Phagwara: राज्यसभा सीटों और मंत्रियों के पद बेचने संबंधी क्रिकेटर हरभजन सिंह के आरोपों का जनता को जवाब दे भगवंत मान
Logo
Uturn Time
चंडीगढ़/यूटर्न/22 मई। शुक्रवार को बहादुरगढ़ के मॉडर्न इंडस्ट्रियल एस्टेट (एमआईई) पार्ट-बी इलाके में एक केमिकल फैक्ट्री में ज़बरदस्त धमाका हुआ। हादसे में छह से ज़्यादा मज़दूर घायल हो गए। धमाके की असली वजह अभी पता नहीं चल पाई है, लेकिन अधिकारियों को शक है कि बॉयलर फटने से यह हादसा हुआ, जिसके चलते फैक्ट्री की दो-मंज़िला इमारत का एक बड़ा हिस्सा ढह गया। यह फैक्ट्री केमिकल-आधारित ग्लू बनाने का काम करती थी। चार मज़दूरों को गंभीर रूप से जलने की चोटें आईं, जिन्हें रोहतक के पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में रेफर कर दिया गया। मलबे के नीचे कई और मज़दूरों के फंसे होने की आशंका है, बचाव अभियान जारी है। धमाके से दहला इलाका यह घटना दोपहर में हुई, धमाके से पूरा औद्योगिक इलाका दहल गया। धमाके का असर इतना ज़बरदस्त था कि आस-पास की फैक्ट्रियों में काम कर रहे मज़दूरों में भी दहशत फैल गई और धमाके की आवाज़ काफी दूर तक सुनाई दी। धमाके के तुरंत बाद फैक्ट्री परिसर के अंदर भीषण आग लग गई और इमारत की छत ढह गई, जिससे मज़दूर मलबे के नीचे दब गए। फैक्ट्री में मौजूद थे मजदूर शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, घटना के समय फैक्ट्री के अंदर 10 से ज़्यादा मज़दूर मौजूद थे, जबकि कई अन्य लोग फैक्ट्री परिसर के बाहर काम कर रहे थे। बचाव टीमों ने मलबे से चार से पांच घायल लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया और उन्हें सिविल अस्पताल पहुंचाया। आग बुझाने के लिए छह दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया, जबकि पुलिस और ज़िला प्रशासन की टीमों ने पूरे इलाके को घेर लिया और राहत व बचाव अभियान शुरू कर दिया। अधिकारी ले रहे स्थिति का जायजा मयंक मिश्रा, अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ, स्थिति का जायज़ा लेने के लिए तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि घायलों की सही संख्या की अभी पुष्टि नहीं हो पाई है। डीसीपी ने कहा कि राज्य आपदा राहत बल (एसडीआरएफ) की एक टीम बचाव अभियान में शामिल हो गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के अनुसार, इस दुखद घटना के पीछे बॉयलर फटना ही मुख्य वजह लग रही है। ---