Chamber of Industrial & Commercial Undertakings (CICU) ने WWF-India के सहयोग से लुधियाना स्थित CICU कॉम्प्लेक्स में “पंजाब के इलेक्ट्रोप्लेटिंग सेक्टर में स्वच्छ तकनीकों को अपनाने को बढ़ावा” विषय पर एक महत्वपूर्ण परामर्श सत्र आयोजित किया। इस कार्यक्रम में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, पर्यावरण विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और इलेक्ट्रोप्लेटिंग सेक्टर से जुड़े विभिन्न हितधारकों ने सक्रिय भागीदारी की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता CICU के अध्यक्ष Upkar Singh Ahuja ने की। इस अवसर पर सेवानिवृत्त IAS अधिकारी और स्ट्रेटेजिक एडवाइजर Suresh Kumar, WWF-India के डायरेक्टर – रिवर्स एंड वेटलैंड्स Nitin Kaushal, एसोसिएट डायरेक्टर – वाटर स्टेवार्डशिप Siddhartha Baidya, Hemant Juneja, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चीफ एनवायरनमेंटल इंजीनियर Sandeep Bahl तथा CICU के महासचिव Honey Sethi विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान WWF-India ने मुरादाबाद और लुधियाना के इलेक्ट्रोप्लेटिंग उद्योगों के साथ अपने कार्य और हस्तक्षेपों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इसमें प्रदूषण नियंत्रण, संसाधनों के बेहतर उपयोग और स्वच्छ उत्पादन तकनीकों को अपनाने से जुड़े सफल मॉडलों और टिकाऊ उपायों पर प्रकाश डाला गया।
सत्र में मुरादाबाद की कई उद्योग इकाइयों के अनुभवों और केस स्टडीज को भी साझा किया गया। उद्योग प्रतिनिधियों ने बताया कि किस प्रकार उन्होंने स्वच्छ तकनीकों और पर्यावरण अनुकूल उत्पादन प्रणालियों को अपनाकर बेहतर परिणाम हासिल किए। इन उदाहरणों को पंजाब के उद्योगों के लिए प्रेरणादायक और उपयोगी बताया गया।
परामर्श सत्र में पंजाब सरकार द्वारा स्वच्छ एवं टिकाऊ औद्योगिक तकनीकों को बढ़ावा देने, पर्यावरणीय नियमों के पालन और औद्योगिक क्षेत्रों में जिम्मेदार अपशिष्ट जल प्रबंधन को लेकर किए जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा हुई।
इस अवसर पर CICU अध्यक्ष Upkar Singh Ahuja ने कहा कि दीर्घकालिक औद्योगिक विकास, पर्यावरण संरक्षण और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए स्वच्छ और टिकाऊ तकनीकों को अपनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने उद्योगों और पर्यावरण संगठनों के बीच सार्थक संवाद स्थापित करने के लिए WWF-India के प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में CICU के संयुक्त सचिव S B Singh ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए WWF-India की इस पहल को सराहनीय बताया। उन्होंने आश्वासन दिया कि CICU पंजाब के औद्योगिक क्षेत्र में स्वच्छ तकनीकों और सतत औद्योगिक प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए पूर्ण सहयोग देगा।
यह परामर्श सत्र पंजाब में एक स्वच्छ, हरित और टिकाऊ औद्योगिक वातावरण तैयार करने की दिशा में उद्योगों और पर्यावरण संगठनों के बीच सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।