लुधियाना/यूटर्न/18 मई। पंजाब के आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा सोमवार को गुरुग्राम कोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पेश किए जाने के दौरान बेहद भावुक नजर आए। अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और अगली सुनवाई 1 जून को होगी। कोर्ट में पेशी के दौरान संजीव अरोड़ा द्वारा अपने परिवार से मुलाकात की गई। इस दौरान बेटी उनके गले लगकर रोने लगी। जिसके बाद अरोड़ा भी अपने आप को रोक नहीं सके और उनकी आंखें भी भर आई। यह पल ऐसे थे कि जिसे देखकर हर किसी की मन भर आए। हर किसी को रुला देने वाले यह पल किसी व्यक्ति द्वारा कैमरे में कैद कर लिए गए, जो कि सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल भी हो रहे हैं। जिसे देखकर हर कोई भावुक भी हो रहा है। इस पल के बाद कोर्ट परिसर का पूरा माहौल बेहद उदास हो गया।
एक पल के लिए राजनीति पीछे छूटी
परिवार से मिलने के दौरान संजीव अरोड़ा बेहद भावुक हो गए। एक पल ऐसा लगा जैसे राजनीति पीछे छूट गई हो और सिर्फ एक इंसान अपने अपनों से बिछड़ने के दर्द में टूट गया हो। अपनी बेटी को गले लगाकर वे रो पड़े। ऐसा लगा मानो सारी उम्मीदें और आस एक पल में खत्म हो गई हों। अदालत की कार्यवाही अपनी जगह है, लेकिन एक पिता का दर्द उस समय साफ नजर आया जब बेटी अपने पिता से बिछड़ते हुए रो पड़ी। “बाप आखिरकार बाप होता है” यह दृश्य उसी भावना को और गहरा कर गया, जहां राजनीति से ऊपर एक परिवार और अपनेपन की पीड़ा साफ झलक रही थी।
आप सुप्रीमो ने बहादुर और देशभक्त बताया
अरोड़ा को 9 मई को ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया था। शुरुआत में उन्हें 7 दिन की रिमांड पर रखा गया था, जिसे बाद में 2 दिन और बढ़ाया गया। इस बीच उनकी गिरफ्तारी और रिमांड को चुनौती देने वाली याचिका पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है, जहां ईडी अपना पक्ष रखेगी। आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री का समर्थन किया और उन्हें “बहादुर” और “देशभक्त” बताया। उन्होंने कहा कि पूरा पंजाब उनके साथ खड़ा है।
अरोड़ा के कई करीबियोंको समन जारी
ईडी की जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। आईएएस अधिकारी बसंत गर्ग, गमाडा के मुख्य प्रशासक संदीप कुमार, पीएसपीसीएल की अधिकारी हरशरण कौर ट्रेहन सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को समन जारी किया गया है। इसके अलावा कारोबारी हेमंत सूद और चंद्रशेखर अग्रवाल, जिन्हें अरोड़ा के करीबी सहयोगी बताया जा रहा है, उनसे भी पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी के अनुसार यह मामला बैंक गारंटी, शेल कंपनियों और संदिग्ध बेनामी संपत्तियों से जुड़े वित्तीय लेन-देन से संबंधित है। यह केस 2023 में सामने आए कथित वित्तीय अनियमितताओं से शुरू हुआ था, जो अब एक बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक जांच प्रकरण में बदल चुका है।