पंजाब को एक सुरक्षित राज्य बनाने के अभियान के तहत गुरदासपुर पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस (CI) की टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने गुरदासपुर में हुए ग्रेनेड फेंकने के मामले को सुलझाते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से एक और जिंदा हैंड ग्रेनेड बरामद किया है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने रविवार को इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमरजीत सिंह उर्फ बिल्ला (जालंधर), करणजीत सिंह उर्फ करण (अमृतसर) और सतनाम सिंह (अमृतसर) के रूप में हुई है। यह मामला तब शुरू हुआ था जब 27 अप्रैल 2026 को गुरदासपुर के गीता भवन रोड पर एक दुकान के पास एक बिना फटा हैंड ग्रेनेड मिला था, जिसे बम निरोधक दस्ते ने सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया था।
DGP गौरव यादव ने बताया कि गहन जांच के बाद पुलिस ने उन आरोपियों की पहचान की जो दुकान के पास ग्रेनेड फेंकने में शामिल थे। जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपी अमरजीत सिंह के घर से एक और हैंड ग्रेनेड बरामद किया गया। शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी विदेश में बैठे एक हैंडलर के इशारे पर काम कर रहे थे। विदेशी हैंडलर ने ही उन्हें दो हैंड ग्रेनेड मुहैया कराए थे। पुलिस अब इस साजिश के पीछे के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।
ऑपरेशन के विवरण साझा करते हुए एसएसपी गुरदासपुर, आदित्य ने बताया कि घटना के तुरंत बाद मामले पर काम करने के लिए कई टीमें गठित की गई थीं। सीसीटीवी फुटेज, मानवीय खुफिया जानकारी और तकनीकी विश्लेषण की मदद से पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्धों को अशोक चिप्स नामक दुकान के पास ग्रेनेड फेंकते देखा गया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीनों आरोपियों को दबोच लिया। एसएसपी ने आगे बताया कि विदेशी हैंडलर और स्थानीय नेटवर्क के बीच संबंधों को स्थापित करने के लिए आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां और बरामदगी होने की संभावना है। इस मामले में थाना सिटी गुरदासपुर में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।