पंजाब के होशियारपुर में शनिवार को सिविल अस्पताल के भीतर एक सनसनीखेज मुठभेड़ में नशा तस्करी के मामले में सजा काट रहे कैदी नसीब सिंह की मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब पुलिस की टीम नसीब सहित तीन विचाराधीन कैदियों को नियमित मेडिकल जांच के लिए अस्पताल लाई थी। चेकअप के बाद जब सीनियर कांस्टेबल जसदीप सिंह उसे ई-रिक्शा के जरिए एम्बुलेंस की ओर ले जा रहे थे, तो आरोपी ने अचानक भागने की नीयत से कांस्टेबल पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस जानलेवा हमले में कांस्टेबल के चेहरे, हाथ और पैर पर गंभीर चोटें आईं, लेकिन घायल होने के बावजूद उन्होंने साहस दिखाते हुए आरोपी को रुकने की चेतावनी दी और बचाव में जमीन पर फायर भी किया।
हालाँकि, आरोपी नसीब सिंह ने हार नहीं मानी और कांस्टेबल के साथ हाथापाई करते हुए उनका सरकारी हथियार छीनने का प्रयास किया। इसी संघर्ष के दौरान आत्मरक्षा में चली गोली नसीब को जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई। एसएसपी संदीप कुमार मलिक ने बताया कि मृतक नसीब सिंह एक हिस्ट्रीशीटर था, जिस पर हत्या, हत्या के प्रयास और ड्रग्स तस्करी के 7 मामले दर्ज थे, और उसका पिता भी वर्तमान में जेल में बंद है। पुलिस अब इस गंभीर सुरक्षा चूक की जांच कर रही है कि जेल से अस्पताल लाए जाने के दौरान कैदी के पास चाकू कहाँ से आया और इसमें किसकी संलिप्तता है।