सात दिन से चल रहा सफाई सेवकों का आंदोलन
जगरांव (चरणजीत सिंह चन्न) : नगर परिषद जगरांव के सफाई सेवकों, सीवरमैनों और समूह नगर पालिका कर्मचारियों द्वारा अपनी हक की मांगों के लिए शुरू किया गया संघर्ष आज सातवें दिन में प्रवेश कर गया। इस आंदोलन में आज उस समय नया जोश और उत्साह देखने को मिला, जब पंजाब के विभिन्न किसान, मजदूर, सामाजिक, छात्र और धार्मिक संगठनों ने धरने पर पहुँचकर अपना पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया।
प्रमुख संगठनों का मिला साथ कर्मचारियों की आवाज को बुलंद करने के लिए आज कई दिग्गज नेता और संगठन मैदान में उतरे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल रहे:
सेंट्रल वाल्मीकि सभा इंडिया: राष्ट्रीय अध्यक्ष गेजा राम वाल्मीकि,
किसान यूनियन: पेंडू किसान यूनियन, कीर्ति किसान यूनियन और एकता डकौंदा,
छात्र एवं युवा संगठन: स्टूडेंट यूनियन पंजाब (अध्यक्ष हरप्रीत ढूडीके) और नौजवान सभा करमजीत माणूके,
बहुजन समाज पार्टी: लुधियाना प्रभारी प्रगट बिलगा, जिला अध्यक्ष निर्मल सिंह साया और पूर्व जिला प्रभारी सुखजीत सिंह सलेमपुरी।
अन्य गणमान्य: डॉ. जगजीत सिंह राऊवाल, वरिष्ठ नेता लखबीर सिंह सीरा गालब, अमरजीत सिंह देड़का महासचिव, हलका जगरांव और एडवोकेट रशपाल सिंह गालब।
"सरकार सोई हुई है, पर हमारे हौसले बुलंद हैं"- जिला अध्यक्ष गिल
धरने को संबोधित करते हुए यूनियन प्रधान अरुण गिल ने प्रशासन और सरकार की बेरुखी पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा: "सफाई सेवक पिछले सात दिनों से अपनी जायज मांगों के लिए चिलचिलाती धूप में डटे हुए हैं, लेकिन प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। जैसे-जैसे विभिन्न संगठनों का समर्थन बढ़ रहा है, कर्मचारियों का मनोबल भी सातवें आसमान पर है।"
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
विभिन्न संगठनों के नेताओं ने एक सुर में कहा कि यह लड़ाई केवल सफाई सेवकों की नहीं, बल्कि हक और इंसाफ की लड़ाई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही इन मांगों का समाधान नहीं किया, तो इस संघर्ष को और अधिक तीखा और व्यापक बनाया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
मांग: कर्मचारियों का पक्का होना और अन्य जायज हक।
स्थिति: सात दिनों से काम बंद और धरना जारी।
घोषणा: मांगें पूरी होने तक 'कंधे से कंधा मिलाकर' साथ चलने का संकल्प।