धार्मिक आयोजन से पहले बुनियादी ढांचे पर जोर
हुशियारपुर/दलजीत अजनोहा
इतिहासिक स्थान श्री चरणछोह गंगा और श्री गुरु रविदास इतिहासिक धर्म स्थान बेगमपुरा श्री खुरालगढ़ साहिब के दर्शन के लिए प्रत्येक वर्ष लाखों श्रद्धालु आते हैं। धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक जथेबंदियों की ओर से जहां श्री खुरालगढ़ साहिब को शराब के ठेके बंद करके नशों से रहित करके पवित्र स्थान घोषित करने की मांग पिछले समय से उठती आ रही है, वहीं यहां की सड़कें जो रोजाना आने वाली संगतों के लिए बड़ी परेशानी पैदा कर रही हैं बल्कि आए दिन दुर्घटनाओं को जन्म देकर अनजाने में मृत्यु का कारण भी बन रही हैं। पंजाब सरकार का ध्यान इस ओर केंद्रित करने के लिए आदि धर्म साधू समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत सर्वण दास लुधियाना, संत सत्विंदर हीरा राष्ट्रीय अध्यक्ष ऑल इंडिया आदि धर्म मिशन रजि. भारत, मुख्य सेवादार श्री चरणछोह गंगा सच्चखंड बेगमपुरा ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, डिप्टी स्पीकर जय किशन रौड़ी और खेल सैर-सपाटा एवं संस्कृति मामलों के सलाहकार कैबिनेट मंत्री दीपक बाली को विशेष तौर पर बेनती की है कि श्री गुरु रविदास महाराज जी की 650वीं जन्म शताब्दी मनाने से पहले सरकार श्री खुरालगढ़ साहिब की सड़कों का निर्माण करे।
इन संत महापुरुषों ने कहा कि श्री बेगमपुरा चौंक से खुराली तक सड़क को चार मार्गी करके कम से कम 100 फीट चौड़ा किया जाए और उतराई उतरते खड्ड वाले पाड़े में 20 फुट ऊंचे गार्डर लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि इस सड़क पर अब तक दुर्घटनाओं में कई श्रद्धालुओं की कीमती जानें जा चुकी हैं, इनको रोकने के लिए इस ऊंची चढ़ाई को घटाकर सही लेवल पर किया जाए।
उन्होंने कहा कि यह रास्ता बहुत खतरनाक है, यहां पहले कई एक्सीडेंट हो चुके हैं और अनेकों कीमती जानें जा चुकी हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस खतरनाक रोड को बड़ी गाड़ियों के लिए बंद किया जाए और ट्रैफिक पुलिस की निगरानी के लिए पक्की ड्यूटी लगाई जाए ताकि दुर्घटनाओं से बचाव हो सके।
संत सर्वण दास, संत सत्विंदर हीरा ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान वलों 11 अप्रैल को चंडीगढ़ में साधू समाज की बुलाई मीटिंग में ऑल इंडिया आदि धर्म मिशन रजि. भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत सत्विंदर हीरा की ओर से लोगों के जान-माली नुकसान से बचाव के लिए श्री खुरालगढ़ साहिब में डैम के प्रोजेक्ट की ऊसारी की मांग की थी, जिस पर अभी तक कोई कार्रवाई शुरू नहीं हुई। उन्होंने पंजाब सरकार को बेनती की कि बरसातों से पहले इस प्रोजेक्ट के लिए कार्य आरंभ किए जाएं ताकि भारी बाढ़ की त्रासदी से लोगों को राहत की आशा बन सके।