11 साल पुराने मामले में ट्रायल चंडीगढ़ ट्रांसफर
चंडीगढ़ (अजीत झा.): पंजाब के बहुचर्चित कोटकपूरा गोलीकांड मामले में शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल मंगलवार को अन्य आरोपियों के साथ चंडीगढ़ जिला अदालत में पेश हुए। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस मामले की सुनवाई अब फरीदकोट की बजाय चंडीगढ़ सेशन कोर्ट में होगी।
फरीदकोट की अतिरिक्त सत्र अदालत ने 2 मई को आदेश जारी कर सभी आरोपियों को 12 मई को चंडीगढ़ अदालत में पेश होने के निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट ने 9 अप्रैल को मामले से जुड़ी विभिन्न एफआईआर और ट्रायल को चंडीगढ़ ट्रांसफर करने का फैसला सुनाया था।
मामले में 7 अगस्त 2018 को दर्ज एफआईआर के तहत आईपीसी की धारा 307, 323, 341, 201, 218, 120-बी और 34 सहित आर्म्स एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं। इसके अलावा 14 अक्टूबर 2015 की घटना से जुड़ी अन्य एफआईआर भी अब चंडीगढ़ अदालत में एक साथ सुनी जाएंगी। इन मामलों में हत्या के प्रयास, हिंसा, आपराधिक साजिश और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
दरअसल, यह मामला 14 अक्टूबर 2015 को पंजाब के कोटकपूरा और बेहबल कलां में हुई पुलिस फायरिंग से जुड़ा है। उस समय बरगाड़ी और बुर्ज जवाहर सिंह वाला गांवों में हुई बेअदबी की घटनाओं के विरोध में लोग प्रदर्शन कर रहे थे। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों को हटाने के दौरान पुलिस ने गोलीबारी की थी।
बेहबल कलां में हुई फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कोटकपूरा में कई प्रदर्शनकारी घायल हुए थे। घटना के बाद यह मामला पंजाब की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गया था। केस में कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नाम भी सामने आए थे, जिनमें पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी का नाम भी शामिल है।
हाईकोर्ट ने यह फैसला आरोपी पुलिस अधिकारियों की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि संबंधित कई मामलों की सुनवाई पहले ही चंडीगढ़ ट्रांसफर की जा चुकी है, इसलिए सभी जुड़े मामलों का ट्रायल एक ही अदालत में होना चाहिए।
अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की आगे की सुनवाई चंडीगढ़ सेशन कोर्ट में होगी, जिस पर पंजाब की राजनीतिक और कानूनी हलकों की नजर बनी हुई है।