ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम
चंडीगढ़: आमजन के साथ बेहतर संवाद, प्रोफेशनल व्यवहार और प्रभावी पुलिसिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस द्वारा ट्रैफिक कर्मियों के लिए “पीपल-फ्रेंडली कम्युनिकेशन, सॉफ्ट स्किल्स एंड बिहेवियरल चेंज” विषय पर विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला सेक्टर-29 स्थित ट्रैफिक ऑडिटोरियम में आयोजित हुई।
कार्यशाला का आयोजन यूटी चंडीगढ़ के डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा के नेतृत्व, आईजीपी पुष्पेंद्र कुमार और एसएसपी (सिक्योरिटी एवं ट्रैफिक) सुमेर प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। वहीं डीएसपी ट्रैफिक एडमिन नीरज सरना और डीएसपी ट्रैफिक (आर एंड डी) रोड सेफ्टी लक्ष्य पांडे की निगरानी में कार्यक्रम संपन्न हुआ।
इस कार्यशाला में ट्रैफिक विंग के करीब 120 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। इंस्पेक्टर एवं इंचार्ज सीटीपी डॉ. परवेश शर्मा तथा इंस्पेक्टर ट्रैफिक एडमिनिस्ट्रेशन सुरिंदर कुमार ने ट्रैफिक ड्यूटी के दौरान प्रभावी संवाद, सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन और जनता के साथ पेशेवर तरीके से बातचीत की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में पंजाब यूनिवर्सिटी के पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के चेयरमैन डॉ. कुलदीप सिंह, शिक्षा विभाग की प्रोफेसर डॉ. नंदिता सिंह और मोटिवेशनल स्पीकर एवं प्रोफेशनल एक्सीलेंस कोच अमूल्य शुक्ला ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में संबोधित किया।
वर्कशॉप के दौरान प्रतिभागियों को वर्बल और नॉन-वर्बल कम्युनिकेशन स्किल्स, स्मार्ट पुलिसिंग, सहानुभूति आधारित व्यवहार और जनता के साथ प्रोफेशनल तरीके से पेश आने के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा विवाद समाधान, कठिन परिस्थितियों से निपटने और पुलिस-पब्लिक संबंधों को मजबूत करने के लिए व्यवहारिक बदलाव जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम में इंटरएक्टिव ग्रुप एक्सरसाइज भी करवाई गईं, जिनमें पुलिस कर्मियों ने ड्यूटी के दौरान आने वाली वास्तविक चुनौतियों को साझा किया। इससे सत्र अधिक व्यावहारिक और समाधान केंद्रित बना।
चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस की इस पहल को प्रतिभागियों और विशेषज्ञों द्वारा काफी सराहा गया। विभाग का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से पुलिस की जनसंपर्क क्षमता और प्रोफेशनल छवि को मजबूत किया जाएगा।