यूनियन का बड़ा फैसला, सड़क से लेकर कोर्ट तक संघर्ष की तैयारी
चंडीगढ़ (सोनू टुटेजा): ऑल पंजाब आंगनवाड़ी वर्कर्स यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष हरगोबिंद कौर ने प्रेस को बयान जारी करते हुए कहा कि अलग-अलग जिलों में डिप्टी कमिश्नर द्वारा आंगनवाड़ी वर्कर्स की ड्यूटी जबरदस्ती जनगणना, दवा सर्वे, आर्थिक सर्वे में लगाई जा रही है, जिसके खिलाफ संगठन ने डायरेक्टर को विरोध नोटिस भेजा है और ड्यूटी लगाने वाले डिप्टी कमिश्नर को कानूनी नोट भेजे हैं।
आंगनवाड़ी वर्कर्स की ड्यूटी लगाकर उन्हें परेशान किया जा रहा है और आदेश में कहा गया है कि अगर आंगनवाड़ी वर्कर्स अपनी ड्यूटी नहीं करेंगी तो उनकी सेवाएं खत्म कर दी जाएंगी। एक तरफ तो मंत्री बलजीत कौर विधानसभा में खड़ी होकर बयान देती हैं कि आंगनवाड़ी वर्कर्स सरकारी कर्मचारी नहीं हैं, वे समाजसेवी हैं, उन्हें न्यूनतम वेतन तो दूर, ग्रेड भी नहीं दिया जा सकता।
दूसरी तरफ सरकार आंगनवाड़ी वर्कर्स की अलग-अलग सर्वे में ड्यूटी लगा रही है। संगठन ने कहा है कि अलग-अलग समय पर माननीय हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला दिया है कि आंगनवाड़ी वर्करों से उनके काम के बिना एक्स्ट्रा काम नहीं लिया जा सकता, लेकिन फिर भी आंगनवाड़ी वर्करों की ड्यूटी जबरदस्ती लगाई जा रही है। जिसका हमारा संगठन कड़ा विरोध करता है, इसीलिए धरने के बारे में डायरेक्टर सोशल सिक्योरिटी, महिला एवं बाल विकास को नोटिस भेजा गया है और कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए श्री राजविंदर सिंह बैंस, लवनीत सिंह ठाकुर के जरिए जिला डिप्टी कमिश्नर को नोट भेजे गए हैं।