ट्यूबवेल मोटर पर करंट से मौत को लेकर परिजनों का जोरदार हंगामा
डेराबस्सी: गांव जनेतपुर में खेतों के पास करंट लगने से 10 वर्षीय बच्ची की मौत के बाद सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने आरोप लगाया कि खेतों के पास लगी ट्यूबवेल मोटर और आसपास छोड़े गए करंट के कारण मासूम की जान गई। घटना के बाद गुस्साए परिजनों और मजदूरों ने मौके पर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
मृतक बच्ची की पहचान सृजना पुत्री गौतम महातो निवासी नेपाल के रूप में हुई है। परिवार पिछले कुछ समय से गांव जनेतपुर में किराये पर रह रहा था और खेतों में मजदूरी कर गुजर-बसर कर रहा था। सोमवार सुबह करीब 11 बजे गौतम महातो और उसकी पत्नी खेतों में काम कर रहे थे। इसी दौरान उनकी बेटी सृजना खेलते-खेलते पास बने ट्यूबवेल की ओर चली गई। वहां करंट की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिजनों ने बच्ची का शव घटनास्थल के पास रखकर जमकर हंगामा किया। उनका आरोप था कि खेतों में जंगली जानवरों और पशुओं को रोकने के लिए करंट छोड़ा गया था और उसी की वजह से बच्ची की जान गई। मौके पर मौजूद कई लोगों ने भी खेतों के पास करंट वाली तारबाड़ होने की बात कही।
हालांकि पुलिस की प्रारंभिक जांच में ट्यूबवेल मोटर की तारों से करंट लगने की बात सामने आई है। जांच अधिकारी एएसआई परमजीत सिंह ने बताया कि बच्ची मोटर के पास गई थी और वहीं करंट की चपेट में आ गई। पुलिस ने मृतका के पिता गौतम महातो के बयान के आधार पर बीएनएस की धारा 194 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि संबंधित ट्यूबवेल मोटर जमींदार लखविंदर और सकिंदर की साझी है। घटना के बाद मौके की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गए, जिनमें परिजन रोते-बिलखते और विरोध करते नजर आ रहे हैं।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आसपास खेतों में काम कर रहे मजदूरों और स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए हैं। वहीं बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए डेराबस्सी सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतका सृजना चार बहनों और एक छोटे भाई में दूसरे नंबर पर थी। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर बताई जा रही है और इस हादसे के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से खेतों में अवैध रूप से बिजली का करंट छोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।