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"जाखड़ का बड़ा बयान, मान सरकार पर निशाना साधते हुए राज्यपाल से मिले"
चंडीगढ़: पंजाब की सियासत में रविवार को नया मोड़ देखने को मिला, जब सुनील जाखड़ ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ कई गंभीर मुद्दे उठाए। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में जाखड़ ने विधानसभा में पारित विश्वास मत और मुख्यमंत्री के व्यवहार पर कड़े सवाल खड़े किए। विश्वास मत पर सवाल, प्रक्रिया पर उठाए संदेह: जाखड़ ने हाल ही में पारित विश्वास मत को लेकर कहा कि इसकी प्रक्रिया और मंशा दोनों ही संदेह के घेरे में हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सत्तारूढ़ दल ने “अपने ही भीतर” विश्वास मत पारित कर लिया, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं लगता। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के आचरण पर भी टिप्पणी करते हुए इसे “संवैधानिक मर्यादाओं के विपरीत” बताया। मुख्य सचिव के साथ व्यवहार पर उठाया मुद्दा: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य के मुख्य सचिव के साथ अनुचित व्यवहार किया गया और उन पर दबाव बनाया गया। जाखड़ ने राज्यपाल से आग्रह किया कि वे इस मामले की गंभीरता से जांच करें और वरिष्ठ नौकरशाह से व्यक्तिगत रूप से जानकारी लें। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को भयमुक्त वातावरण मिलना जरूरी है, तभी वे निष्पक्ष होकर काम कर पाएंगे। नौकरशाही की सुरक्षा और जवाबदेही की मांग: जाखड़ ने कहा कि ईमानदार अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि अधिकारियों पर दबाव या धमकी की स्थिति बनती है, तो यह शासन व्यवस्था के लिए चिंताजनक संकेत है। उन्होंने राज्यपाल से इस मुद्दे पर हस्तक्षेप की मांग की। ‘सुरक्षा देने’ के फैसलों पर भी आपत्ति: उन्होंने हाल ही में जेल से रिहा हुए कुछ व्यक्तियों को सुरक्षा दिए जाने के फैसले पर भी सवाल उठाए। जाखड़ का कहना था कि ऐसे कदमों से समाज में गलत संदेश जाता है और इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल सकता है। राष्ट्रीय स्तर पर उठेगा मामला: जाखड़ ने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि पंजाब भाजपा इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएगी, क्योंकि यदि अधिकारियों और संस्थाओं पर दबाव बढ़ता है, तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। इस घटनाक्रम के बाद पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना है।