सेक्टर-17 के बैंक स्क्वायर में शुक्रवार सुबह करीब 9:30 बजे मधुमक्खियों के एक छत्ते को जलाने की कथित घटना ने विवाद खड़ा कर दिया है। इस मामले को लेकर पर्यावरण प्रेमियों और एडवोकेट गौरव गोयल ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे अमानवीय और गैर-जिम्मेदाराना कदम बताया है।
आरोप है कि नगर निगम की टीम ने छत्ते को हटाने के बजाय उसे आग लगाकर नष्ट कर दिया। घटना के सामने आने के बाद कई सामाजिक संगठनों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई की निंदा की है।
“पर्यावरण के लिए अहम हैं मधुमक्खियां”
गौरव गोयल का कहना है कि मधुमक्खियां पारिस्थितिकी तंत्र का अहम हिस्सा हैं और परागण (पॉलिनेशन) में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में पूरे छत्ते को जलाना न केवल जीवों के प्रति क्रूरता है, बल्कि पर्यावरण के प्रति लापरवाही भी दर्शाता है।
एडवोकेट गौरव गोयल ने कहा कि मधुमक्खियों के छत्तों को हटाने के लिए प्रशिक्षित विशेषज्ञों की मदद से सुरक्षित और मानवीय तरीके अपनाए जा सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए स्पष्ट और पर्यावरण-अनुकूल प्रोटोकॉल बनाए जाएं।
जवाबदेही तय करने की मांग
इस घटना को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है। लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को किसी भी हालत में सामान्य नहीं माना जाना चाहिए।
फिलहाल नगर निगम की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है, जबकि बढ़ते विरोध के बीच प्रशासन पर जवाब देने का दबाव बढ़ता जा रहा है।