मजदूर दिवस के अवसर पर श्री सुखमणि इंटरनेशनल स्कूल डेराबस्सी के 15 कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने के विरोध में शुक्रवार को किसान संगठनों और ट्रेड यूनियनों ने बड़ा प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हलका विधायक के कार्यालय का घेराव करते हुए जोरदार नारेबाजी की और सरकार व प्रशासन के खिलाफ रोष जताया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने कथित तौर पर 15 कर्मचारियों को गैर-कानूनी तरीके से नौकरी से निकाल दिया और उनकी जगह ठेकेदारी सिस्टम के तहत नए लोगों को काम पर रख लिया। पिछले करीब 60 दिनों से प्रभावित कर्मचारी स्कूल के बाहर लगातार धरने पर बैठे हैं, लेकिन अब तक न तो पंजाब सरकार और न ही स्थानीय विधायक ने उनकी कोई सुनवाई की है। इससे मजदूरों और किसानों में भारी नाराजगी है।
रैली को संबोधित करते हुए विभिन्न किसान और मजदूर संगठनों के नेताओं ने सरकार और प्रशासन के रवैये की कड़ी आलोचना की। उन्होंने बताया कि 21 अप्रैल को विधायक निवास के बाहर किए गए प्रदर्शन के दौरान एक सप्ताह में समस्या का समाधान करने का भरोसा दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। नेताओं ने आरोप लगाया कि जानबूझकर इस मुद्दे को लटकाया जा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान उस समय स्थिति और तनावपूर्ण हो गई, जब भीषण गर्मी में सैकड़ों किसान और मजदूर विधायक कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते रहे, लेकिन कार्यालय में स्टाफ मौजूद होने के बावजूद कोई भी अधिकारी या प्रतिनिधि ज्ञापन लेने के लिए बाहर नहीं आया। इससे गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कड़ा विरोध जताया।
आक्रोशित किसानों और मजदूरों ने अंततः अपना मांग पत्र विधायक कार्यालय के बाहर लगे मुख्य बोर्ड पर ही चिपका दिया। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि 5 मई तक उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो डेराबस्सी के हर वार्ड में ‘जागो’ अभियान चलाया जाएगा और गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर कर्मचारियों को बहाल कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।