एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) पंजाब और एसएएस नगर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 18 अप्रैल को डेराबस्सी में हुई वारदात के एक अहम आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए गैंगस्टर की पहचान अजय शर्मा उर्फ पिंकू के रूप में हुई है, जो उक्त मामले में लंबे समय से वांछित चल रहा था।
पुलिस के अनुसार 18 अप्रैल को डेराबस्सी क्षेत्र में एक आपराधिक वारदात को अंजाम दिया गया था, जिसके बाद संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। जांच के दौरान सामने आया कि अजय शर्मा उर्फ पिंकू इस घटना में सक्रिय भूमिका निभा रहा था और वारदात के बाद फरार हो गया था। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने डेराबस्सी के नजदीक इलाके में घेराबंदी कर आरोपी को काबू कर लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक .32 बोर की विदेशी पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस का मानना है कि आरोपी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था।
प्रारंभिक जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि अजय शर्मा उर्फ पिंकू विदेश में बैठे कुख्यात गैंगस्टरों गोल्डी बराड़ और मनदीप उर्फ मनदीप स्पेन के निर्देशों पर काम कर रहा था। उसे ट्राइसिटी क्षेत्र में कई टारगेट दिए गए थे, जिन पर वह काम कर रहा था। समय रहते उसकी गिरफ्तारी से संभावित गंभीर आपराधिक घटना टल गई है।
थाना प्रभारी सुमित मोर ने बताया कि यह गिरफ्तारी 18 अप्रैल को चलाए गए एक अन्य ऑपरेशन की कड़ी है, जिसमें इसी गैंग से जुड़े चार आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। उस कार्रवाई में गैंग के एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ था और अब पिंकू की गिरफ्तारी से जांच को और मजबूती मिली है।
फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और उसके नेटवर्क के अन्य सदस्यों, हथियारों की सप्लाई तथा फंडिंग के स्रोतों का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि संगठित अपराध के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे गिरोहों को पूरी तरह खत्म करने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी।