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चंडीगढ़/कोलकाता 1 May । एन्क्वेस्पी पल्स इनसाइट प्राइवेट लिमिटेड ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का अंतिम एग्जिट पोल 29 अप्रैल 2026 को जारी किया है। 294 विधानसभा क्षेत्रों में किए गए इस विशाल सर्वे में कुल **8,66,514 मतदाताओं** की राय ली गई, जो इसे देश के सबसे बड़े और व्यापक एग्जिट पोल सर्वेक्षणों में से एक बनाता है। **📊 मुख्य अनुमान:** एग्जिट पोल के अनुसार **BJP को 144-154 सीटें** और **AITC+ (तृणमूल कांग्रेस गठबंधन) को 138-150 सीटें** मिलने का अनुमान है। वोट शेयर के मामले में AITC+ 44.88% के साथ आगे है, जबकि BJP को 42.25% वोट मिलने का अनुमान लगाया गया है। Left Front को 3.90%, कांग्रेस को 3.17%, ISF को 1.77% और AJUP को 2.87% वोट शेयर मिलने का अनुमान है। वामपंथी दलों, कांग्रेस और अन्य छोटे दलों की स्थिति बेहद कमजोर बताई गई है और इनका खाता खुलना भी मुश्किल माना जा रहा है। **🔍 सर्वे की विशेषता — 5 महीने का लॉन्गिट्यूडिनल पैनल:** यह सर्वे एक दिन में नहीं, बल्कि **29 नवंबर 2025 से 29 अप्रैल 2026** तक करीब 151 दिनों में चार चरणों में किया गया। पहले चरण में प्री-कैंडिडेचर बेसलाइन सर्वे (1,81,065 लोग), दूसरे में पोस्ट-कैंडिडेचर स्विंग सर्वे (2,38,501 लोग), तीसरे में प्री-पोल लेट ट्रैकर (1,70,977 लोग) और चौथे चरण में मतदान के बाद एग्जिट पोल (2,75,971 लोग) शामिल रहे। यह पद्धति केवल भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि मतदाताओं के बदलते रुझान को भी दर्शाती है। **📱 IVR तकनीक से हुआ सर्वे:** सर्वे पूरी तरह **इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पॉन्स (IVR)** तकनीक के जरिए बांग्ला भाषा में किया गया। इसमें कोई फील्ड सर्वेयर शामिल नहीं था, जिससे सर्वेकर्ता-प्रेरित पूर्वाग्रह (Surveyor Bias) से पूरी तरह बचा गया। केवल पूर्ण रूप से भरे गए जवाब ही सर्वे में शामिल किए गए। **⚖️ पांच कारकों पर आधारित नॉर्मलाइजेशन:** सर्वे डेटा को उम्र, लिंग, जनसांख्यिकी, धर्म और मतदान प्रतिशत — इन पांच मापदंडों पर परिष्कृत किया गया। विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में 27% से अधिक मुस्लिम मतदाताओं के एकत्रीकरण प्रभाव को भी ध्यान में रखा गया। **🤖 AI और ML आधारित विश्लेषण:** एजेंसी ने मशीन लर्निंग और MRP (Multilevel Regression with Post-stratification) तकनीक का उपयोग करते हुए 2024 लोकसभा चुनाव में हुई अपनी भविष्यवाणी की गलतियों को भी इस बार के मॉडल में सुधार के रूप में शामिल किया। Matua Belt, Junglemahal, North Bengal Hills, Border-Muslim Seats और Kolkata Urban जैसे क्षेत्रों का अलग-अलग विश्लेषण किया गया। **⚠️ त्रिशंकु विधानसभा की आशंका:** एजेंसी के CEO संदीप ने स्पष्ट किया कि **BJP और AITC+ की सीट बैंड आपस में ओवरलैप करती हैं**, इसलिए यह नतीजा किसी एक दल की स्पष्ट बहुमत की बजाय **त्रिशंकु विधानसभा** की ओर इशारा करता है। AITC+ वोट शेयर में आगे है, लेकिन FPTP प्रणाली के कारण BJP सीटों में बढ़त बना सकती है। अंतिम और आधिकारिक परिणाम **भारत निर्वाचन आयोग** द्वारा घोषित किए जाएंगे, और वही एकमात्र प्रामाणिक परिणाम माना जाएगा।