ऐसे व्यक्ति विरले ही होते हैं जो केवल थोड़े समय के लिए ही सितारों की तरह खुद तो जगमगाते ही हैं तथा समाज में भी एक ऐसी दिशा स्थापित कर देते हैं कि जिससे उनके क्षेत्र से जुड़े लोग भी ऐसे लोगों पर गर्व करते हैं। कुछ ऐसे ही थे पानीपत के वरिष्ठ पत्रकार वी. एन. सुधाकर। जिनकी एक मई को पुण्य तिथि मनाई गयी। मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार स्व.वी.एन. सुधाकर जी ने पत्रकारिता क्षेत्र में अपनी मेहनत से खूब नाम कमाया और अपनी ईमानदारी से आजीवन पत्रकारिता के प्रति पूरी तरह से समर्पित रहे। जिस वक्त पत्रकार को नामानिगार के नाम से जाना जाता था और अखबारों को खबरे भेजनें के लिए न तो फेक्स होता था और न ही मेल उस वक्त के दौर में सन 1958 में खबरें सिर्फ डाक के द्वारा आर एम एस रेल द्वारा ही भेजी जाती थी उस वक्त स्व. श्री वी.एन सुधाकर जी ने लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ पत्रकारिता के क्षेत्र मे कदम रखा। उन्होंने उस वक्त की सबसे प्रचलित उर्दू अखबार दैनिक तेज मे पानीपत से बतौर पत्रकारिता आरम्भ की। ये वो दौर था जब लोग बाग पत्रकारिता के बारे में बहुत कम जानते थे और पत्रकार होना एक बहुत बड़ी बात हुआ करती थी। उन्होंने उर्दू दैनिक तेज के साथ ही जालंधर से प्रकाशत दैनिक उर्दू मिलाप, दैनिक प्रताप, पंजाब के सरी, पंजाबी दैनिक जगबानी, दिल्ली से प्रकाशित दैनिक वीर अर्जुन, दैनिक अजीत समाचार, अजीत पंजाबी, और हिंद समाचार गु्रप द्वारा निकले गये समाचार पत्रों के साथ पूरी निष्ठा से जुड़े रहे। उसी दौर में उन्होंने हरियाणा भूमि और पानीपत टाइम्स नामक दो साप्ताहिक समाचार पत्रों का भी प्रकाशन किया।
पंजाब केसरी समूह, अमर शहीद लाला जगत नारायण, अमर शहीद रमेश चन्द्र द्वारा पूर्व मान्यता प्राप्त पत्रकार स्व. वी.एन. सुधाकर जी को उन्हें हरियाणा क्षेत्र के समाचार भेजने के लिए समय-समय पर उनको सम्मानित किया गया। पत्रकार वी. एन. सुधाकर पत्रकारिता की सीढियां चढ़ते हुए अंग्रेजी समाचार पत्रों दी ट्रिब्यून, दैनिक ट्रिब्यून, इंडियन एक्सप्रेस, टाइम्स ऑफ इंडिया, इकोनॉमिक्स टाइम्स, पी.टी.आई न्यूज ऐजैसी, यू एन आई न्यूज एजेंसी और भारत सरकार द्वारा संचालित ऑल इंडिया रेडियो के पानीपत व करनाल से वरिष्ठ संवाददाता रूप में पूर्णकालिक भी काम किया। वह जिला करनाल से ही ऑल इंडिया रेडियो तथा इंडियन एक्सप्रेस लिए भी काम करते थे और उनको करनाल के क्लब मार्केट में तब इन्हीं समाचार पत्रों द्वारा कार्यालय भी मुहैया करवाया गया था। देश सबसे सम्मानित न्यूज़ एजेंसी यू. एन. आई में भी अपनी सेवाएं लगातार देते रहे थे। स्व.वी.एन. सुधाकर जी को हरियाणा सरकार ने स्थाई तौर पर पत्रकार के रूप में उनको मान्यता दी हुई थी। जब जननायक चौधरी स्व. देवीलाल ने सन 1987 में न्याय युद्ध के रूप में सबसे बड़ा जन आंदोलन चलाया था, तब कई समाचार पत्रों द्वारा मान्यता प्राप्त पत्रकार वी. एन. सुधाकर को चौधरी स्व. देवीलाल के साथ लगभग 1 महीने तक साथ रहकर इस न्याय युद्ध की विशेष कवरेज करने के निर्देश दिए गए थे। तब पत्रकार स्व. वी. एन. सुधाकर जी ने निरंतर एक माह तक चौधरी स्व, देवीलाल के साथ हरियाणा के दौरे किये। समय और पत्रकारिता के बढ़ते अनुभव के साथ हरियाणा की सबसे बड़ी पत्रकार संस्था एच यू जे में उन्होंने कई वर्षों तक बतौर के महासचिव अपनी सेवाएं दी व पत्रकारों के । लिए कई कल्याणकारी योजनाएं सरकार द्वारा चलवाई। पत्रकार स्व. वी. एन. सुधाकर जी द्वारा पानीपत के सभी पत्रकारों को एक मंच पर ला प्रेस क्लब पानीपत नामक मंच का गठन भी किया और वे कई की वर्षों तक पानीपत प्रैस क्लब के लगातार प्रधान भी रहे थे। उनके द्वारा निकाले गये साप्ताहिक समाचार पत्र हरियाणा भूमि लगातार आज भी प्रकाशित हो रहा है और आज भी उनके दिखाये रास्ते पर चल रहा है।उनकी पुण्यतिथि पर वरिष्ठ पत्रकार विनोद पांचाल, मोहन लाल, अशोक चुघ आदि पत्रकारों ने उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित की.