स्ट्रीट वेंडर्स (जीविका संरक्षण और सड़क विक्रय विनियमन) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को मजबूत करने के लिए नगर निगम चंडीगढ़ ने वेंडिंग जोन की व्यवस्थाओं पर निगरानी बढ़ा दी है। इसी क्रम में नगर निगम के संयुक्त आयुक्त डॉ. हिमांशु गुप्ता ने मंगलवार को आईटी पार्क तथा सेक्टर-7, 8, 9, 10 और 11 के निर्धारित स्ट्रीट वेंडिंग स्थलों का विस्तृत निरीक्षण किया।
इस दौरान उनके साथ प्रवर्तन शाखा से सुनील दत्त और सोशल डेवलपमेंट ऑफिसर (एसडीओ) डॉ. विवेक त्रिवेदी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान नागरिक सुविधाओं और वेंडरों के कल्याण संबंधी व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की गई।
संयुक्त आयुक्त ने वेंडिंग जोन में सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता, सार्वजनिक शौचालयों की सफाई और रखरखाव पर विशेष जोर दिया। उन्होंने इंजीनियरिंग विंग को निर्देश दिए कि सभी वेंडिंग जोन में निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए और स्वच्छता के उच्च मानक बनाए रखें जाएं।
डॉ. हिमांशु गुप्ता ने स्ट्रीट वेंडरों से सीधे बातचीत कर उनकी रोजमर्रा की समस्याओं, वेंडिंग लेआउट की प्रभावशीलता, सुरक्षा और प्रकाश व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं की जानकारी ली। वहीं ग्राहकों से भी सफाई और पहुंच संबंधी सुविधाओं पर फीडबैक लिया गया।
प्रवर्तन शाखा को निर्देश दिए गए कि केवल अधिकृत वेंडर ही निर्धारित स्थानों पर कारोबार करें और गैर-वेंडिंग क्षेत्रों में अतिक्रमण रोककर पैदल आवाजाही को सुगम बनाया जाए।
सोशल डेवलपमेंट ऑफिसर डॉ. विवेक त्रिवेदी ने वेंडरों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी और स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता मानकों का पालन करने के लिए जागरूक किया।
संयुक्त आयुक्त ने कहा कि सुव्यवस्थित वेंडिंग जोन न केवल रेहड़ी-पटरी वालों की आजीविका को मजबूत करते हैं, बल्कि शहर की सुंदरता और आम लोगों की सुविधा को भी बढ़ाते हैं।