यूटी चंडीगढ़ के पुलिस डीजीपी ने उत्कृष्ट पुलिस कार्य और गंभीर आपराधिक मामलों में प्रभावी जांच, खुलासा तथा अपराध नियंत्रण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 136 पुलिसकर्मियों को कमेंडेशन सर्टिफिकेट फर्स्ट क्लास (CC-1st) से सम्मानित किया।
यह सम्मान उन पुलिसकर्मियों को दिया गया, जिन्होंने हत्या, एनडीपीएस एक्ट, दुष्कर्म और पोकसो जैसे संवेदनशील मामलों में आरोपियों को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन मामलों में दोष सिद्ध होने से न्याय व्यवस्था में जनता का भरोसा और मजबूत हुआ है।
पुलिस विभाग के अनुसार थाना मनीमाजरा के FIR नंबर 91/2023 (धारा 302 IPC) के हत्या मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा दिलाई गई। वहीं थाना मौली जागरां के FIR नंबर 05/2023 में दुष्कर्म और पोकसो एक्ट के तहत आरोपी को 30 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई गई।
इसके अलावा थाना-39, मौली जागरां, सारंगपुर और मलोया के कई POCSO और रेप मामलों में आरोपियों को 20-20 साल की कठोर सजा दिलाई गई। थाना-11 के दो अलग-अलग NDPS मामलों (FIR नंबर 152/2019 और 155/2019) में आरोपियों को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा हुई।
पुलिसकर्मियों को स्थानीय और विशेष कानूनों के तहत बड़ी बरामदगी, हत्या, एनडीपीएस, स्नैचिंग, लूटपाट और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामलों को सुलझाने के लिए भी सम्मानित किया गया।
डीजीपी ने सभी सम्मानित पुलिसकर्मियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की उपलब्धियां पुलिस बल को ईमानदारी, निष्ठा और पेशेवर दक्षता के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस का लक्ष्य समाज की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना है, और ऐसे सम्मान उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।