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शहर की शहरी आधारभूत संरचना और जनस्वास्थ्य को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मेयर सौरभ जोशी ने 13.53 करोड़ रुपये की लागत से सीवर ट्रंक मेन के पुनर्वास और सुदृढ़ीकरण परियोजना का शुभारंभ किया। इस परियोजना से विशेष रूप से मोहाली के फेज-11 सहित आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से बनी सीवर ओवरफ्लो की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। यह उद्घाटन समारोह एसटीपी डिग्गियां में आयोजित किया गया, जहां नगर निगम के मुख्य अभियंता संजय अरोड़ा, अन्य वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय निवासी भी मौजूद रहे। मेयर सौरभ जोशी ने बताया कि चंडीगढ़–आईएसईआर रोड के साथ बनी मौजूदा सीवर लाइन समय के साथ पुरानी और कमजोर हो चुकी थी। भारी सिल्ट जमा होने के कारण विशेषकर मानसून के दौरान बार-बार सीवर ओवरफ्लो की समस्या उत्पन्न हो रही थी, जिससे जलभराव, दुर्गंध और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ रही थीं। इन समस्याओं के समाधान के लिए नगर निगम चंडीगढ़ ने अमृत 2.0 प्रोत्साहन योजना के तहत यह परियोजना शुरू की है। लगभग 2,105 मीटर लंबाई में लाइट प्वाइंट फेज-11 से बेस्ट टेक मॉल होते हुए एसटीपी डिग्गियां तक यह कार्य किया जाएगा, जिसे छह माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मेयर ने कहा कि इस परियोजना से रिहायशी इलाकों में सीवर बैकफ्लो रुकेगा, स्वच्छता में सुधार होगा और जलजनित बीमारियों का खतरा कम होगा। साथ ही मानसून के दौरान सीवेज का सुचारु प्रवाह सुनिश्चित किया जा सकेगा। इस परियोजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें पहली बार चंडीगढ़ में अत्याधुनिक ट्रेंचलेस CIPP (क्योर-इन-प्लेस पाइप) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस आधुनिक तकनीक से सड़कों की खुदाई कम होगी, आमजन को कम परेशानी होगी और पाइपलाइन की आयु 50 वर्षों तक बढ़ेगी, साथ ही रखरखाव लागत भी घटेगी। नगर निगम चंडीगढ़ ने कहा कि यह परियोजना नागरिक-केंद्रित विकास और टिकाऊ शहरी बुनियादी ढांचे की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे चंडीगढ़ के साथ-साथ मोहाली के लोगों को भी सीधा लाभ मिलेगा।