पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को कई अहम मुद्दों पर बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि ऑस्ट्रेलिया से 15 भारतीयों को डिपोर्ट किया जा रहा है, जिनमें 11 पंजाबी शामिल हैं। इन लोगों में एक महिला भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने इन सभी पर वहां के कानूनों के उल्लंघन के आरोप लगाए हैं, जिसके चलते उन्हें भारत वापस भेजा जा रहा है।
चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सीएम मान ने बताया कि डिपोर्ट किए जा रहे लोगों में 11 पंजाब, 2 तेलंगाना, 1 उत्तराखंड और 1 हरियाणा से है। उन्होंने कहा कि यह मामला गंभीर है और सरकार इस पर नजर बनाए हुए है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि वह 5 मई को राष्ट्रपति ड्रॉपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात में आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सात राज्यसभा सांसदों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने संकेत दिए कि इस राजनीतिक घटनाक्रम पर संवैधानिक स्तर पर चर्चा की जाएगी।
किसानों के लिए राहत की खबर देते हुए सीएम मान ने कहा कि मंगलवार शाम को भाखड़ा बांध से 21 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। इससे 1 से 3 मई के बीच पंजाब के विभिन्न जिलों की नहरों में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे खेती-किसानी को बड़ा लाभ मिलेगा और गर्मी के मौसम में किसानों की चिंता कम होगी।
जालंधर में आम आदमी पार्टी की बैठक को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कोई राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि केवल पार्टी के पर्यवेक्षकों की नियमित बैठक है।
वहीं, हाल ही में रेलवे ट्रैक पर हुए ब्लास्ट के मामले में सीएम मान ने कहा कि पंजाब पुलिस की विशेष टीम केंद्रीय एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
सीएम मान के इस बयान ने एक ओर जहां विदेशों में बसे पंजाबियों के मुद्दे को फिर चर्चा में ला दिया है, वहीं राज्य की राजनीति, सिंचाई व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर भी कई महत्वपूर्ण संकेत दिए हैं।