पीजीआई में गुरुवार को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बड़ा विस्तार होने जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे, जिससे चंडीगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर भारत के मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा।
सबसे प्रमुख परियोजना उत्तर भारत के सबसे बड़े एडवांस्ड न्यूरो साइंस सेंटर (एएनसी) की है, जिसका लोकार्पण जेपी नड्डा करेंगे। करीब 485 करोड़ रुपये की लागत से बने इस 300 बेड के छह मंजिला सेंटर को न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के इलाज का बड़ा हब माना जा रहा है।
इस सेंटर में अत्याधुनिक लैब, इमरजेंसी सेवाएं, 10 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और न्यूरो सर्जरी से जुड़ी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे स्ट्रोक, ब्रेन ट्यूमर, स्पाइनल और अन्य गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के इलाज में मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड केयर सेंटर (AMCC) का भी उद्घाटन करेंगे। करीब 120 करोड़ रुपये की लागत से बने इस सेंटर में महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यहां हाई-रिस्क मैटरनिटी यूनिट, लेवल-3 नवजात आईसीयू और ह्यूमन मिल्क बैंक जैसी सुविधाएं होंगी।
पीजीआई प्रशासन के अनुसार हर साल यहां 6000 से अधिक डिलीवरी होती हैं, जिसे देखते हुए नवजात आईसीयू बेड की संख्या 22 से बढ़ाकर 105 की जा रही है।
इसके अलावा जेपी नड्डा क्रिटिकल केयर ब्लॉक, मेडिकल म्यूजियम और एडवांस आई सेंटर के विस्तार की आधारशिला भी रखेंगे। नई कॉर्डियक इमरजेंसी सुविधा और आई सेंटर विस्तार से गंभीर मरीजों को और बेहतर इलाज मिल सकेगा।
इसी दिन पीजीआई का 39वां दीक्षांत समारोह भी आयोजित होगा, जिसमें जेपी नड्डा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर करीब 550 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान करेंगे। नीति आयोग के सदस्य डॉ. विनोद पाल विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।
पीजीआई के निदेशक डॉ. विवेक लाल ने बताया कि संस्थान में हर वर्ष लगभग 40 लाख मरीज इलाज के लिए आते हैं। नई परियोजनाओं के शुरू होने से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और क्षमता दोनों में बड़ा सुधार होगा।