डेराबस्सी से गुलाबगढ़ जाने वाली मुख्य सड़क पर किसानों द्वारा गेहूं की पराली (नाड़) को खुलेआम आग लगाने का मामला सामने आया है। इससे इलाके में प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। खेतों से उठता जहरीला धुआं न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि राहगीरों और आसपास के निवासियों के लिए भी बड़ी समस्या बन गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि धुएं के कारण उन्हें सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और घुटन जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क किनारे जल रही पराली का धुआं सड़क पर फैल जाता है, जिससे वाहन चालकों को सामने से आने वाले वाहन स्पष्ट दिखाई नहीं देते। ऐसे हालात में किसी भी समय बड़ा सड़क हादसा हो सकता है।
सरकार द्वारा पराली जलाने पर सख्त पाबंदी के बावजूद गुलाबगढ़ रोड पर नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचते और न ही कोई ठोस कार्रवाई की जा रही है।
निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि केवल कागजी आदेश जारी करने के बजाय जमीन पर सख्ती से अमल कराया जाए। उन्होंने पराली जलाने वालों के खिलाफ कड़े कदम उठाने की अपील की है, ताकि प्रदूषण पर नियंत्रण पाया जा सके और संभावित सड़क हादसों को रोका जा सके।