चंडीगढ़ पुलिस ने असामाजिक तत्वों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सेक्टर-40 स्थित लाल द्वारा मंदिर में हुई चोरी के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मंदिर में चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले 19 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से दानपात्र की नकदी, सिक्के और चांदी के नाग की मूर्तियां बरामद की गई हैं।
यह कार्रवाई यूटी की महिला वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कंवरदीप कौर के निर्देशों पर की गई। मामले की निगरानी महिला पुलिस अधीक्षक के एम . प्रियंका और एसडीपीओ साउथ वेस्ट धीरज कुमार के मार्गदर्शन में थाना-39 पुलिस की टीम ने की। टीम का नेतृत्व थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजीव कुमार ने किया।
पुलिस के अनुसार थाना-39 में एफआईआर नंबर 59 दिनांक 24 अप्रैल 2026 को भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान शुभम पुत्र प्रदीप, निवासी मकान नंबर 2675, डीएमसी, चंडीगढ़, उम्र 19 वर्ष के रूप में हुई है।
शिकायतकर्ता राम कैलाश, जो सेक्टर-40/ए स्थित लाल द्वारा मंदिर में पुजारी हैं, ने पुलिस को बताया कि 23 अप्रैल की रात करीब 9:30 बजे उन्होंने मंदिर के दरवाजे बंद कर विश्राम किया था। अगली सुबह 24 अप्रैल को करीब 5:30 बजे जब वे उठे, तो मंदिर के दरवाजे खुले मिले। जांच करने पर पता चला कि किसी ने ताले तोड़कर दानपात्र से नकदी और सिक्के चोरी कर लिए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और तकनीकी व स्थानीय सूचना के आधार पर आरोपी शुभम को 24 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर चोरी का सामान बरामद कर लिया गया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
चंडीगढ़ पुलिस का कहना है कि शहर में असामाजिक तत्वों के खिलाफ विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।