कानून व्यवस्था और सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली पंचकूला पुलिस का संवेदनशील और मानवीय चेहरा उस समय सामने आया, जब खाकी वर्दी में जवान और अधिकारी जरूरतमंदों की मदद के लिए झुग्गी-झोपड़ियों में पहुंचे। अपराध पर नियंत्रण के साथ-साथ पुलिस टीमों ने अपने व्यस्त शेड्यूल से समय निकालकर समाज के वंचित वर्ग के साथ खुशियां साझा कीं।
इस विशेष अभियान के तहत पंचकूला पुलिस के सभी थानों और चौकियों की टीमों ने अपने-अपने क्षेत्र में आने वाले झुग्गी-झोपड़ी इलाकों का दौरा किया। पुलिसकर्मियों ने वहां रहने वाले बच्चों, बुजुर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से मुलाकात कर उन्हें खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी सामान वितरित किया। वर्दी में आए पुलिसकर्मियों को अपने बीच पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे और लोगों ने भी पुलिस के इस मानवीय व्यवहार की सराहना की।
इस पहल का उद्देश्य केवल जरूरतमंदों की मदद करना ही नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग में सुरक्षा और विश्वास की भावना को मजबूत करना भी है।
डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने बताया कि पुलिस का मुख्य कर्तव्य जिले में शांति और सुरक्षा बनाए रखना है, लेकिन इसके साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान समय निकालकर जरूरतमंदों तक पहुंचना पुलिसकर्मियों के लिए एक सकारात्मक अनुभव रहा, जिससे पुलिस और जनता के बीच दूरी कम होती है।
उन्होंने आगे कहा कि जब किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान आती है, तो इससे पुलिस टीम का मनोबल भी बढ़ता है। ऐसे प्रयासों से लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ता है और वे अपनी समस्याएं लेकर पुलिस के पास आने में झिझकते नहीं हैं।
पंचकूला पुलिस ने स्पष्ट किया कि जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के साथ-साथ भविष्य में भी इस तरह के जनसेवा कार्य जारी रखे जाएंगे, ताकि ‘सेवा, सुरक्षा, सहयोग’ के मूल मंत्र को सार्थक किया जा सके।